मंडला, 31 अक्टूबर 2025
उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. यू.एस. तिवारी ने पशु मालिकों के जारी एडवाईजरी में बताया है कि गौवंश पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज होती है जो कि विषाणु जनित है, जिसका फैलाव संक्रमित गौवंशों के खून से मक्खी, मच्छर आदि के द्वारा स्वस्थ पशुओं में संक्रमण फैलता है। गौवंश के बीमारी से संक्रमित होने पर तेज बुखार, त्वचा में गठानें, शरीर में दर्द एवं भूख कम हो जाती है। कभी-कभी गठानें फूटने से त्वचा में घाव बन जाता है।
लम्पी स्किन डिजीज गौवंश में पाए जाने पर पशुपालकों को तत्काल संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए एवं नजदीकी पशु चिकित्सालयों में जानकारी देकर इलाज कराएं। साथ ही बीमारी फैलाने वाले रोग वाहक मक्खी, मच्छर आदि से सुरक्षा उपाय अपनाएं। अपने पशु आवास गृह की नियमित साफ-सफाई रखें, जीवाणु एवं विषाणु रसायन आदि का प्रयोग करें। पशुओं की चमड़ी पर घाव होने की अवस्था पर नियमित रूप से सफाई कर एंटीसेप्टिक लोशन लगायें। पशुपालकों को इस बीमारी से बचाव के लिए पशु चिकित्सालय से संपर्क कर स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं। बीमार पशु को संतुलित एवं पौष्टिक आहार खिलाएं। बीमार पशु की उचित ढंग से देखभाल एवं उपचार होने पर 10-15 दिन में स्वस्थ हो जाते हैं।
