मंडला, 29 अगस्त 2026
मलेरिया प्रकोप के दौरान सावधानी एवं समुचित उपचार जरूरी है। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढक्कर रखें तथा कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। आवश्यकतानुसार मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें और विशेषकर शाम एवं रात के समय पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
बुखार होने पर तुरंत कराएं जाँच
तेज बुखार, ठंड लगना या कंपकंपी, पसीना, सिरदर्द और बदन दर्द जैसे लक्षण होने पर मलेरिया की जांच तुरंत कराएं। मलेरिया की जांच आरडीटी या रक्त स्मीयर के माध्यम से की जाती है। मलेरिया की पुष्टि होने पर स्वास्थ्यकर्मी या चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरा उपचार लें। दवा बीच में बंद न करें, भले ही बुखार ठीक हो जाए। बुखार होने पर स्वयं से मलेरिया की दवा न लें। बेहोशी, लगातार उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक कमजोरी या दौरे जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल जाएं।
जाँच एवं उपचार पूर्णतः निःशुल्क
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी बंजर एवं समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मलेरिया की जांच एवं उपचार पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है। मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं। बुखार को हल्के में न लें, मलेरिया की जांच कराएं, समय पर पूरा उपचार पाएं और मच्छरों से बचाव करें।
