मंडला, 6 जून 2026
संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग के सभी कलेक्टर्स से वर्षा पूर्व तैयारियों के अंतर्गत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए अतिवृष्टि या बाढ़ जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के बेहतर कार्ययोजना बनायें।
बैठक में कलेक्टर्स ने अपने-अपने जिलों में की गई तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान सभी जिलों को बाढ़ आपदा संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन कर उनकी अद्यतन जानकारी संधारित करने, बाढ़ प्रभावित होने वाली नदियों, नालों, तालाबों तथा बड़े बांधों की सूची तैयार करने और उनके सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानसून पूर्व जल निकासी तंत्र, नालियों, तालाबों एवं तटबंधों की सफाई, डिसिल्टिंग तथा सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाढ़ नियंत्रण एवं राहत कार्यों से संबंधित नियमावली तथा पूर्व चेतावनी प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में कहा गया कि प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित कर आपदा प्रबंधन कार्ययोजना को अद्यतन किया जाए तथा ऊर्जा, संचार, सड़क और पुलों जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा कर संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों की जानकारी संकलित की जाए। बाढ़ संभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, जीवनरक्षक दवाइयों, पशु चिकित्सा सुविधाओं, चारा एवं भूसे की पर्याप्त उपलब्धता की कार्य योजना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को वर्षा जनित महामारी, डायरिया एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए पूर्व तैयारी रखने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए चिकित्सकीय दलों का गठन करने को कहा गया। साथ ही संभावित राहत शिविरों के लिए स्थान चिन्हित कर उनकी सूची तैयार रखने और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाली नाव, मोटरबोट, रबर बोट तथा अन्य उपकरणों की उपलब्धता एवं संचालन क्षमता का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने सभी जिलों में खोज एवं बचाव दलों के प्रशिक्षण, सिविल डिफेंस इकाइयों की तैयारी तथा 24 घंटे सक्रिय आपदा नियंत्रण केंद्र संचालित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम से संबंधित अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

बैठक में बड़ी नदियों वाले जिलों को जलस्तर की निरंतर निगरानी रखने तथा बांधों एवं जलाशयों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में कम से कम 48 घंटे पूर्व सूचना देने के लिए मजबूत चेतावनी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जलमग्न सड़कों एवं पुल-पुलियों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, सर्पदंश उपचार के लिए एंटीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नगर निगमों तथा नगरीय निकायों द्वारा खुले मेनहोल और बोरवेल बंद कराने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
स्कूल, आंगनवाड़ी भवनों एवं छात्रावासों का सुरक्षा की दृष्टि से गहन निरीक्षण और सत्यापन सुनिश्चित कर लिया जाए। संबंधित विभागीय अधिकारियों से स्कूल, आंगनवाड़ी भवनों एवं छात्रावासों की सत्यापन रिपोर्ट ली जाए। जर्जर भवनों के संबंध में संबंधित विभाग के माध्यम से सत्यापन और शासन निर्देश अनुसार कार्यवाही समय-सीमा में अनिवार्यतः सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में सभी जिला कलेक्टरों को संबंधित विभागों के समन्वय से बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव और राहत के लिए विस्तृत जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार करने तथा मानसून अवधि में पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
