मंडला, 16 अक्टूबर 2026
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की 6 वर्षीय बालिका सरिता कुशराम को जन्मजात हृदय रोग से राहत मिली है। योजना के अंतर्गत बालिका का निःशुल्क ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद प्रदान की गई। ग्राम पटपरसिंगारपुर (बम्हनी) निवासी श्री ईश्वर कुशराम की पुत्री सरिता जन्म से ही हृदय में छेद की गंभीर समस्या से पीड़ित थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन उसके महंगे उपचार एवं ऑपरेशन को लेकर चिंतित थे।
इसी दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बालिका की बीमारी की पहचान की। इसके बाद उसे जिला चिकित्सालय मण्डला में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों की चिंता को देखते हुए आरबीएसके टीम, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं ने उन्हें आवश्यक परामर्श दिया तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचार की जानकारी प्रदान की।
योजना के माध्यम से 13 मई 2026 को मेट्रो हार्ट अस्पताल, जबलपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सरिता का सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद बालिका का स्वास्थ्य बेहतर है। इससे परिवार को बड़ी राहत मिली है और उनकी बेटी को स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद मिली है।
हितग्राही के पिता की जुबानी
श्री ईश्वर कुशराम ने बताया कि बेटी की बीमारी के कारण पूरा परिवार चिंतित था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से महंगे ऑपरेशन की व्यवस्था करना कठिन था। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम एवं आशा कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन और आयुष्मान भारत योजना के सहयोग से बेटी का ऑपरेशन निःशुल्क हो सका। उन्होंने अपनी बेटी को नया जीवन मिलने पर शासन-प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
योजना का उद्देश्य
आयुष्मान भारत योजना एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा बच्चों में जन्मजात बीमारियों की शीघ्र पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना है। सरिता कुशराम की सफलता की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शासकीय स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और उम्मीद का माध्यम बन रही हैं।
