मंडला, 10 जून 2026
जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक कला को नई पहचान देने वाली ग्राम पंचायत इंद्री आज अपनी आकर्षक गोंडी पेंटिंग्स के कारण विशेष पहचान बना रही है। गांव की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की दीवारों पर उकेरी गई रंग-बिरंगी गोंडी पेंटिंग्स न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यहाँ आने वाले आगंतुकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।

कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने ग्राम पंचायत इंद्री पहुंचकर गोंडी कला से जुड़ी महिला कलाकारों से मुलाकात की तथा उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन किया और इस पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

स्वदेशी स्व-सहायता समूह की सदस्य सुश्री सुमन बंदेवार ने बताया कि उनके गांव की 11 महिला सदस्य गोंडी पेंटिंग का कार्य कर रही हैं। बड़ी बारीकी और धैर्य से तैयार की जाने वाली इन कलाकृतियों की मांग अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुकी है। उनकी पेंटिंग्स ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन के माध्यम से भी विक्रय की जा रही हैं तथा “गोंड आर्ट मंडला” नामक इंस्टाग्राम पेज के जरिए भी देशभर से ऑर्डर प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य से प्रत्येक सदस्य को औसतन लगभग 7 हजार रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।

गांव की सड़कों के किनारे दीवारों पर बनाई गई गोंडी पेंटिंग्स जनजातीय जीवन, प्रकृति, पशु-पक्षियों और लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करती हैं। यह कला न केवल गांव की सुंदरता बढ़ा रही है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बना रही है।
महिला कलाकारों ने कलेक्टर श्री धोटे के समक्ष सुझाव रखते हुए कहा कि गोंडी पेंटिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र अथवा वर्कशॉप स्थापित की जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा और महिलाएं इस कला को सीख सकें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कान्हा नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उनकी कलाकृतियों के प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की जाए, क्योंकि वहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

कलेक्टर श्री धोटे ने महिलाओं के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि गोंडी कला हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। इसके संरक्षण, संवर्धन और विपणन के लिए विभिन्न संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा ताकि कलाकारों को व्यापक बाजार और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
मुलाकात के दौरान महिला कलाकारों ने अपनी हस्तनिर्मित गोंडी पेंटिंग एवं गोंडी कला से सुसज्जित डायरी कलेक्टर श्री धोटे को भेंट की। कलेक्टर ने उनकी कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उल्लेखनीय है कि गोंडी कला को भौगोलिक संकेतक प्राप्त हो चुका है, जिससे इसकी विशिष्टता और वैश्विक पहचान और अधिक सुदृढ़ हुई है। इंद्री की महिलाएं इस विरासत को संजोते हुए परंपरा और आजीविका के बीच एक प्रेरणादायी सेतु का निर्माण कर रही हैं।
