मण्डला 30 दिसम्बर 2020
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने जानकारी दी कि एनीमिया मुक्त भारत एवं दस्तक अभियान की एक दिवसीय कार्यशाला सम्पादित की गई। वर्ष 2020-21 दस्तक अभियान 11 जनवरी से 13 फरवरी तक किया जाना है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त दल एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 5 वर्ष तक के बच्चों के परिवारों के घर-घर जाकर बच्चों में पाई जाने वाली गंभीर बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं उचित प्रबंधन किया जायेगा। एनीमिया मुक्त भारत के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से 6 माह से 19 वर्षीय बच्चों में आई.एफ.ए. अनुपूरण का क्रियान्वयन किया जाना है।
ब्रजेश त्रिपाठी, क्षेत्रीय समन्वयक एम्स भोपाल के द्वारा सघन नेशनल आयरन इनिशियेटिव कार्यक्रम (I-NIPI) के अंतर्गत एनीमिया स्तर के बारे में बताया कि गर्भ से किशोरी बालिकायें तक एनीमिक हो सकती है। साथ ही एनीमिया के संकेत एवं लक्षण बताये एवं एनीमिया की जानकारी दी गई। उन्होंने व्यवहार परिवर्तन हेतु चार प्रमुख व्यवहार एवं IYCF के चार संदेश बताये गए जिनमें जन्म के एक घंटें के अंदर शिशुओं को माँ का दूध पिलायें, 6 माह तक केवल मॉ का दूध, 6 माह के बाद उपरी आहार देना है, उम्र के अनुसार पोषण आहार तथा दो वर्ष तक माँ का दूध पिलाया जाना शामिल है। इसी प्रकार टेस्ट, ट्रीट, टास्क (थ्री टी) का महत्व बताया गया। 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे को आयरन की पूर्ति की जा सकती है। 20 से 30 प्रतिशत बाल मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। कार्यशाला में डॉ. रविकांत उइके डीएचओ-1, डॉ. आर.के. पीपरें डीएचओ-2, डॉ. यतीन्द्र झारिया जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला मीडिया अधिकारी, डिप्टी मीडिया, डीपीएचएनओ, सिस्टर ट्यूटर, आरबीएसके कॉडिनेटर, विकासखंड से बीएमओ, बीईई, बीपीएम, बीसीएम एवं महिला बाल विकास विभाग से सुपरवाइजर, शहरी क्षेत्र के सुपरवाइजर, चाई से मनीष सिंगौर जिला समन्वयक उपस्थित रहे।
