मंडला पिछले दिनों मोहगांव सिंगारपुर स्थित लोहान कृषि फॉर्म में मजदूरों ने 10- 12 घंटे काम के एवज में 120-130 रुपये का मजदूरी भुगतान पर काम बंद हड़ताल किया था, उनकी बात सुनने निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले स्वयं उनसे मिलने उनकी बात सुनने पहुँचे,, मामला शिकायत सही पाकर उनसे श्रम अधिकारी जितेंद्र मेश्राम से सीधे बात कराई, और श्रम अधिकारी को जाँच कर कार्यवाही हेतु कहा, यही स्थिति जिले के अन्य कृषि फॉर्मो और मनेरी फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों की है जिनको सही मजदूरी न ही सुरक्षा दिया है! मजदूर अपनी शिकायत करते रहते हैं पर काम के निकालने के डर से खुलकर विरोध नहीं कर पाते,
श्रम अधिकारी हर महिने जाकर फैक्ट्री प्रबंधन एवं अन्य कृषि फॉर्म जैसी संस्थानों से मिलीभगत कर महीना वसूली कर लेते हैं यह आम शिकायत होती है!
विधायक डॉ अशोक मर्सकोले 16 जनवरी को लोहान कृषि फॉर्म से मजदूरों की शिकायत दर्ज कराई थी,, हफ़्तों बीत जाने के बाद भी इन पर किसी भी प्रकार से जाँच कार्यवाही न होने पर पुनः विधायक ने श्रम अधिकारी से कार्यवाही संबंधी जानकारी चाही, इस संबंध में बात कर पत्र लिखा,

परन्तु उसके आड़े में श्रम अधिकारी द्वारा प्रबंधन से लेन देन कर मामला दबाने की कोशिश की, उसी विवाद के बाद EOw तक बात गई,
लोहान कृषि फॉर्म और जिले अन्य कृषि फॉर्म में आज भी लगभग वही स्थिति है, सही मज़दूरी भुकतान नहीं किया जाता,
मनेरी स्थित फैक्ट्री में भी वही स्थिति आज भी बनी हुई है, श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है,
विधायक ने स्पस्ट तौर पर कहा है कि किसी भी स्तर पर मजदूरों के हक लड़ाई जारी रहेगी, जितने भी संस्थान है जो अब तक अधिकारियों से मिलीभगत कर मजबूरी का फ़ायदा उठाकर लीपापोती करते हैं उनकी अब खैर नहीं,
जिले के अलग अलग विभागों की भी यही स्थिति है अधिकारी मिलीभगत कर रहे हैं उनपर अब सूक्ष्मता से नज़र रखने की ज़रूरत है,
श्रम विभाग ही नहीं मण्डला रोड़ ,माइनिंग, आबकारी, अनाज घोटाला ट्राइबल और शिक्षा और अन्य विभागों में बड़े पैमाने पर शिकायतें है, खुलकर विरोध करने नहीं मानने पर लोकायुक्त और EOW अच्छा माध्यम है।
एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इस प्रकार की कार्यवाही गलत को अंजाम देने वालों पर होना ही चाहिये,,
साथ ही कृषि फॉर्म, माइनिंग मजदूरों, मनेरी फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कार्य करते रहेंगे।
प्रकाशनार्थ,
द्वारा विधायक कार्यालय,
निवास।
