मंडला, 19 दिसंबर 2025
शासकीय माध्यमिक शाला तिंदनी एकीकृत एवं शासकीय हाईस्कूल गाजीपुर में शिक्षक और छात्र/छात्राओं के बीच विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। जिसमें प्रभारी प्रशासक श्रीमती मधुलिका उपाध्याय द्वारा जेंडर सेंसटाईजेशन, पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह रोकथाम, पॉश एक्ट की जानकारी दी गई। इस दौरान छात्र/छात्राओं, शिक्षकगण, प्राचार्य, प्रधानाध्यापिका, स्वास्थ्य विभाग से ए.एन.एम. आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे। पॉक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सेक्सुअल हैरेस्मेंट से बचाव के लिये जागरूक किया गया। सभी छात्र/छात्राओं को लिंग भेद मिटाने की जानकारी दी गई। समाज में सशक्तिकरण लाने में महिला और पुरूष दोनों का बराबरी से योगदान होना चाहिये, इसलिये एक दूसरे के प्रति मान सम्मान और आदर की भावना रखना अनिवार्य है।

18 वर्ष के पहले लड़की एवं 21 वर्ष के पहले लड़के का विवाह बाल विवाह कहलाता है, जिसे सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया है। इसमें 1 लाख का जुर्माना और 2 वर्ष का कारावास या दोनों का प्रावधान है। बाल विवाह मुक्त भारत के लिए शिक्षक एवं छात्र/छात्राओं को शपथ दिलाई गई। यदि कहीं बाल विवाह होता दिखे तो टोल फ्री नंबर 181, 1098 एवं दूरभाष नंबर 07642-252699 पर अपनी शिकायत दर्ज करवायें। बाल विवाह के विरूद्ध 100 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। जिसका लक्ष्य वर्ष 2029 तक सभी लोगों को जागरूक करना और सुदृढ़ीकरण द्वारा बाल विवाह को समाप्त करना है। साथ ही विवाह पंजियन को अनिवार्य बनाना और बाल विवाह मुक्त गांव और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पंचायतों का चिन्हांकन किया जाना है।

महिलाओं और बलिकाओं के लिये संचालित आपातकालीन और गैर आपातकालीन सेवाओं तक त्वरित पहुंच सुविधा के लिये वन स्टॉप सेंटर में दी जाने वाली सहायताओं, सायबर हेल्पलाईन नंबर 1930 एवं डायल 112 के उपयोग के बारे में बताया गया। वन स्टॉप सेंटर की केसवर्कर श्रीमती आशा नंदा के द्वारा छात्र/छात्राओं को गुड टच और बेड टच के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के अंत में छात्र/छात्राओं से प्रश्न पूछे गए, सर्वाधिक उत्तर देने वाले छात्र/छात्रा को पुरूस्कार दिया गया।

