मंडला, 20 अप्रैल 2026
’नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ एवं ’बाल विवाह रोकथाम अभियान’ के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता एवं पदयात्रा कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक, सामाजिक, औद्योगिक, व्यापारिक एवं सहकारी संगठनों के सहयोग से आमजन को महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।

अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्तों पर होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए लोगों को विशेष रूप से प्रेरित किया गया। बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह ’बाल विवाह’ की श्रेणी में आता है, जो कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में बाल विवाह करने, करवाने या उसमें सहयोग करने वालों के लिए 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 2 वर्ष तक के कारावास या दोनों का प्रावधान है। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर श्रीमती भारती दीक्षित, केसवर्कर सुश्री आशा नंदा, श्रीमती साक्षी पटवा, बहुउद्देशीय कार्यकर्ता आरती वरकड़े सहित स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न वर्गों की महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रही।

