मंडला, 24 अप्रैल 2026
जिला योजना भवन मंडला में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में पीएचई मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रदेश प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि वे आज इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब मंडला जिले को शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा माना जाता था, लेकिन आज यहां के विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सतत प्रोत्साहन ने जिले को प्रदेश स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।

मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जो अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शामिल विद्यार्थियों को 11-11 हजार रुपये तथा जिला मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 7-7 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।

संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी
अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की। उन्हें प्रतिदिन लगभग आठ किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था। उस समय न तो पर्याप्त संसाधन थे और न ही आज जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं। उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि बम्हनी जाते समय एक बार बंजर नदी में डूबने की स्थिति बन गई थी। घर लौटने पर परिजनों की डांट के बावजूद उन्होंने और उनकी सहेलियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में प्रशासनिक सेवा या राजनीति के माध्यम से समाज सेवा करेंगी।

पढ़ाई के बाद विवाह उपरांत गांव के लोगों की प्रेरणा से उन्होंने राजनीति में कदम रखा और सरपंच का चुनाव जीतकर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2004 में वे जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उस समय उन्हें बम्हनी की घटना याद आई और उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, सांसद एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से वहां पुल निर्माण करवाया। आज वह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है और आवागमन में किसी प्रकार की समस्या नहीं होती। उन्होंने कहा कि जीवन में लिया गया एक दृढ़ संकल्प ही आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। पग-पग के संघर्ष से शिखर तक पहुंचा जा सकता है। विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए, सरकार उनकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

प्रेरणा बनीं दिव्यांग छात्रा
मंत्री श्रीमती उइके ने कक्षा 12वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण दिव्यांग छात्रा द्रौपदी धुर्वे की विशेष सराहना की, जिन्होंने अपने पैरों से लिखकर परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने कहा कि द्रौपदी हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। मंत्री श्रीमती उइके ने अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम ने समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने सरपंच से लेकर मंत्री पद तक का सफर तय कर यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि हमें उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे से उनकी मुलाकात उस समय हुई थी, जब वे दिल्ली में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ पढ़ाने का कार्य भी कर रहे थे। आज यह गर्व की बात है कि वही युवा आज मंडला जिले की कमान संभाल रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि हौसले बुलंद हों और इरादे मजबूत हों तो सफलता निश्चित है। उन्होंने ‘हाथी और जंजीर’ की प्रेरक कहानी सुनाते हुए समझाया कि कई बार हम अपनी पुरानी धारणाओं और डर के कारण खुद को सीमित कर लेते हैं, जबकि वास्तविकता में हम उससे कहीं अधिक सक्षम होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी मानसिकता को कमजोर न होने दें और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहें।

सम्मान समारोह में नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा ने भी होनहार विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने समारोह में अपने विद्यार्थी जीवन से लेकर प्रशासनिक सेवा तक की यात्रा साझा करते हुए विद्यार्थियों को संघर्ष, धैर्य और संकल्प का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं में उन्होंने जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। उस समय तत्कालीन कलेक्टर श्री मलय श्रीवास्तव द्वारा स्कूल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, लेकिन किसी कारणवश वे स्वयं उपस्थित नहीं हो सके और उन्होंने सहायक कलेक्टर (आईएएस) पी. नरहरि सर को भेजा। उसी कार्यक्रम में पहली बार उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने मुझसे पूछा क्या बनना है ? मैंने बिना झिझक कहा कलेक्टर। उन्होंने पीठ थपथपाते हुए कहा बन जाओगे।

कलेक्टर श्री धोटे ने बताया कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन माता-पिता ने कभी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दी। उनकी माता ने टिफिन सेंटर और सिलाई सेंटर चलाकर परिवार को सहारा दिया। माता-पिता ने उन्हें एक बात सिखाई, संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता, जिसे उन्होंने जीवन का मंत्र बना लिया। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। लेकिन सफलता का रास्ता आसान नहीं था। पहले और दूसरे प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके। तीसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुँचे, लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आया। चौथे प्रयास में फिर प्री परीक्षा में असफलता मिली।

उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय मन में कई बार हार मानने का विचार आया, लगा कि अब वापस लौट जाना चाहिए। लेकिन माता-पिता के विश्वास और प्रोत्साहन ने उन्हें टूटने नहीं दिया। उन्होंने फिर से पूरी ताकत के साथ प्रयास किया और अंततः सफलता हासिल की।

कलेक्टर श्री धोटे ने विद्यार्थियों से कहा, आपकी और मेरी कहानी बहुत अलग नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि आप अपनी कहानी कैसे लिखते हैं। इस उम्र का हर दिन, हर निर्णय आपके भविष्य को तय करता है। अगर आपने संकल्प ले लिया, तो मंज़िल दूर नहीं है। माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा आयोजित हाईस्कूल परीक्षा में जिले का प्रदेश में चौथा और हायरसेकेंडरी परीक्षा में छटवा स्थान है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री शाश्वत सिंह मीना, सांसद प्रतिनिधि श्री जयदत्त झा, श्री सचिन शर्मा, श्री रानू राजपूत, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुन्नी वरकड़े, सहायक संचालक श्री सैयाम सहित शिक्षा विभाग का अमला, अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद थे। विद्यार्थियों का स्वागत रेड कारपेट बिछाकर किया गया।

इन विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश स्तरीय प्रावीण्य सूची में कु. याग्या उमरे, उमेश पड़वार, कु. अदिति विभा उसराठे, कु. कृतिका तिवारी, कु. पूजा धुर्वे, नमन जंघेला, संभव जैन तथा हायरसेकेंडरी की कु. कृति साहू को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार हाईस्कूल के जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची की कु. अनन्या पटेल, साहिल बघेल, कु. राहिन खान, कु. आदया अग्रवाल, कु. एलिजा खान, कु. अनामिका झारिया, कु. याग्ना अहिरवार, कु. रिचा पटेल तथा हायरसेकेंडरी की कु. स्वाती श्रीवास, कु. मीना तिलगाम, कु. भूमिका मरकाम, कु. अनुष्का अग्रवाल, कु. शगुन पटेल, गौरव प्रसाद पटेल, कु. रिचा पटेल, हर्ष बन्देवार, कु. साक्षी साहू, कु. श्वेता केवट, कु. आस्था अग्रवाल, माखन भांवरे एवं कु. कीर्ति साहू को प्रशस्ति पत्र और पाठ्य सामग्री देकर सम्मानित किया गया।

