जिला किसान अध्यक्ष अखिलेश ठाकुर ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्थानीय कृषि विभाग के उच्च अधिकारी पर आरोप लगाते हुए बताया कि
: कृषि विभाग में वर्ष 2025-26 खरीफ एवं रबी सीजन में करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार किया जा रह है। कृषि विभाग में वर्ष 2025-26 के खरीफ एवं रबी सीजन के दौरान विभिन्न योजनाओं में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी भुगतान, कागजी वितरण और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। उपलब्ध दस्तावेजों एवं जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपये की राशि किसानों तक पहुंचने के बजाय कागजों में खर्च दिखाया गया है।
किसानों को बीज वितरण कागजों में दिखाया गया, जबकि वास्तविक वितरण नहीं हुआ।
दलहन, तिलहन एवं अन्य योजनाओं में आदान सामग्री का भुगतान किया गया, लेकिन किसानों को सामग्री नहीं मिली।
किसान दिवस, प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों में भारी राशि खर्च दर्शाई गई, जबकि कई स्थानों पर कार्यक्रम हुए ही नहीं।
फर्जी बिल एवं फर्जी नामों से भुगतान कर दिया गया है।
राष्ट्रीय तिलहन मिशन, बीज वितरण एवं प्रदर्शन योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई है।
मिट्टी परीक्षण एवं प्रयोगशाला कार्यों में भी कागजी भुगतान किए जाते है।
वर्ष 2025-26 में लगभग करोड़ों रुपये के भुगतान में गंभीर गड़बड़ी होने की आशंका है।
सबसे गंभीर बात
यह पूरा मामला सीधे किसानों के अधिकार और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है। जिन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को लाभ पहुंचाना था, उनमें कथित रूप से भ्रष्टाचार कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। इन अधिकारी के ऊपर डिंडोरी EOW के द्वारा विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है उसके बाद भी यह मंडला जिले में पद की शोभा बढ़ा रहे है, हम मांग करते है कि
सभी भुगतान, बिल, वितरण सूची एवं रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं।
किसानों के नाम पर हुए कथित फर्जीवाड़े की ग्राम स्तर पर जांच हो।
साथ ही अखिलेश ठाकुर ने यह भी बताया कि गेहूं खरीदी में जिला स्तर पर कई अनियमितताएं सामने आ रही है , स्लॉट सिस्टम से सिर्फ मध्यप्रदेश में ही गेहूं खरीदी क्यों प्रभावित हो रही है अन्य राज्यों में क्यों नहीं?
अगर अगले 7 दिनों में इन परिस्थितियों पर प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं हुई तो किसान कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी जिसकी समस्त जवाबदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
