Reva India News
ब्रेकिंग न्यूज़मंडला हमारा जिला

महाकौशल प्रांत की कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपरा संस्कृति इतिहास से नई पीढ़ी को करना होगा जागरूक

           मण्डला। जनजाति गौरव अभियान महाकौशल प्रांत की जनजाति गौरव अभियान समिति मंडला के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जंयती के अवसर पर जनजाति गौरव वर्ष अभियान की दृष्टि से एक दिवसीय जनजाति गौरव कार्यशाला का आयोजन बेलवेदर इंटरनेशनल स्कूल तिंदनी मंडला में किया गया। यहां आयोजित कार्यशाला में महाकौशल प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं सामाजिक प्रतिनिधियों जनजातीय समाज के लोगों युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। यहां पर कार्यशाला के पूर्व भगवान बिरसा मुंडा, वीरांगना रानी दुर्गावती एवं भारत माता के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्वालन किया गया। मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष विचारों और जनजातीय समाज के लिए उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाना तथा जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपरा संस्कृति और इतिहास के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करना रहा।  कार्यशाला में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और उनके संघर्ष को केंद्र में रखते हुए विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल जनजातीय समाज के महानायक ही नहीं बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले ऐसे क्रांतिकारी व्यक्तित्व थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित करने का कार्य किया बिरसा मुंडा ने अपने समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वासों के खिलाफ भी जागरूकता पैदा की उन्होंने जनजातीय समाज को अपनी संस्कृति परंपरा जल-जंगल-जमीन और सामाजिक अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उनके संघर्ष ने जनजातीय समाज में आत्मसम्मान और स्वाभिमान की भावना को मजबूत किया। कार्यशाला में यह विचार भी प्रमुखता से रखा गया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं  बल्कि उनके विचारों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति  परंपराओं लोककला लोकगीत लोकनृत्य और सामाजिक जीवन पर भी चर्चा हुई  वक्ताओं ने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत भारतीय सभ्यता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आधुनिकता के दौर में आवश्यक है कि विकास के साथ-साथ जनजातीय समाज की मौलिक पहचान और परंपराओं का संरक्षण भी किया जाए। कार्यशाला में युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। कहा गया कि नई पीढ़ी को अपने समाज के इतिहास और महापुरुषों के योगदान की जानकारी होना आवश्यक है। युवाओं के माध्यम से जनजातीय गौरव संस्कृति और परंपराओं को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है। जनजाति गौरव अभियान के माध्यम से देश के स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक परिवर्तन में जनजातीय समाज के योगदान को सामने लाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इतिहास के विभिन्न दौर में जनजातीय समाज ने अपने अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती सहित अनेक जनजातीय वीर-वीरांगनाओं ने देश और समाज के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यशाला में ऐसे महान व्यक्तित्वों की गाथाओं को गांव-गांव और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही बच्चों और युवाओं के बीच जनजातीय महापुरुषों के जीवन से जुड़े कार्यक्रम परिचर्चा और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने की बात कही गई। एक दिवसीय कार्यशाला में सामाजिक जागरूकता संगठन की मजबूती और जनजातीय समाज के विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा जागरूकता और सामाजिक एकजुटता आवश्यक है। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने तथा समाज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। सुबह 8 बजे से शुरू हुई कार्यशाला में निर्धारित सत्रों के माध्यम से विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। जनजातीय समाज की मांग है कि जो प्रावधान अनुच्छेद 341 में अनुसूचित जाति वर्ग को दिया गया है वही प्रावधान अनुच्छेद 342 में किया जाए ऐसे अनुसूचित जनजाती के लोग जो ईसाई या मुस्लिम बन गये हैं उनको जनजाति की सूची से बाहर करने की मांग भी की गई है। क्योंकि जनजाति की सूची में शामिल होकर यही लोग सबसे अधिक आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। जनजातीय समाज का मानना है कि आदिवासियों की परंपरा छोडऩे से समाज में कुरितियां भी पनप रही है समूह में रहने वाला समाज विघटित हो रहा है। परिवार बिखर रहे हैं इसलिए अगर डीलिस्टिंग कानून आता है तो इससे जनजातीय समाज के लोगों को ना सिर्फ अरक्षण का सही लाभ मिलेगा बल्कि उसका सामाजिक ढांचा भी सही होगा। इस अवसर पर कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों की उपस्थिति और सहभागिता के प्रति आभार व्यक्त किया गया ।

Related posts

रेवा इंडिया न्यूज़ मुख्य समाचार मंडला, 5 अगस्त 2026

Reva India News

भारतीय न्याय संहिता जागरूकता शिविर महाराजपुर में संपन्न हुआ

Reva India News

साइबर फ्रॉड में जागरूकता अभियान का आयोजन

Reva India News

Leave a Comment