*पुलिस अधीक्षक मंडला ने किया शुभारंभ, घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन एवं प्राथमिक फॉरेंसिक जांच को मिलेगी गति*
मंडला। पुलिस मुख्यालय भोपाल से मंडला जिले को प्राप्त *मोबाइल फॉरेंसिक वैन का आज पुलिस अधीक्षक मंडला श्री राजेश रघुवंशी द्वारा शुभारंभ किया गया*। इस अवसर पर डीएसपी श्री सतीश चतुर्वेदी, थाना प्रभारी कोतवाली श्री शफीक खान, रक्षित निरीक्षक श्री सुनील नागवंशी, थाना प्रभारी महाराजपुर श्री जय सिंह यादव, एफएसएल प्रभारी श्री सौरभ घोंगड़े सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
*वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीक के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा—*
पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं आधुनिक तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में मंडला जिले को प्राप्त यह आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन गंभीर अपराधों के घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने तथा प्रारंभिक जांच प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
*17 प्रकार की फॉरेंसिक किट से लैस है वैन–*
मोबाइल फॉरेंसिक वैन में 17 प्रकार की फॉरेंसिक टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं। इनमें डीएनए कलेक्शन, नारकोटिक्स, फिंगरप्रिंट, ब्लड, सीमन, फुटप्रिंट, टायर प्रिंट एवं गनशॉट टेस्टिंग किट सहित अन्य आवश्यक किट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वैन में सीसीटीवी कैमरा, कंप्यूटर एवं प्रिंटर की सुविधा भी उपलब्ध है।

यह वैन घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक फॉरेंसिक जांच एवं साक्ष्य संकलन करने में सहायता प्रदान करेगी। घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं प्राथमिक परीक्षण मौके पर किए जाने से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा आवश्यक रिपोर्टिंग में भी सुविधा होगी।
*पूर्व में फॉरेंसिक संबंधी कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार भोपाल, सागर एवं जबलपुर स्थित एफएसएल प्रयोगशालाओं पर निर्भरता रहती थी। मोबाइल फॉरेंसिक वैन की उपलब्धता से वैज्ञानिक अधिकारी अब घटनास्थल पर ही आवश्यक कार्यवाही कर सकेंगे*।
*वैन सीसीटीवी कैमरों से भी सुसज्जित है*, जिससे घटनास्थल पर की जाने वाली फॉरेंसिक कार्यवाही एवं साक्ष्य संकलन प्रक्रिया की निगरानी में सहायता मिलेगी।
