मंडला, 30 सितम्बर 2026
ग्रामीण अंचलों में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय परिवारों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में होमस्टे जैसी पहल नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। मंडला जिले के रामनगर चौगान में श्रीमती सुशीला पारते द्वारा विकसित किया गया होमस्टे इसका एक प्रेरक उदाहरण है। ग्रामीण परिवेश, स्थानीय संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य को पर्यटकों के अनुभव से जोड़ने वाली इस पहल को लगातार लोगों का उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है।

कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने रामनगर चौगान पहुंचकर श्रीमती सुशीला पारते एवं श्रीमती लमिया भारतीया के होमस्टे का अवलोकन किया और उनकी पहल की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों और परंपराओं से जुड़ी गतिविधियों को होमस्टे से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिशिंग, बैलगाड़ी भ्रमण, ट्रैकिंग, पॉटरी जैसी स्थानीय गतिविधियों को शामिल करने से यहां आने वाले अतिथियों को ग्रामीण जीवन, प्रकृति और स्थानीय संस्कृति का अधिक समृद्ध एवं यादगार अनुभव प्राप्त हो सकेगा।
कलेक्टर द्वारा होमस्टे की सराहना किए जाने पर श्रीमती सुशीला पारते ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उनके लिए यह अवसर उत्साह बढ़ाने वाला है और भविष्य में होमस्टे को और बेहतर बनाने के लिए वे स्थानीय गतिविधियों को जोड़ने की दिशा में कार्य करेंगी।

श्रीमती सुशीला पारते बताती हैं कि उन्होंने जनवरी 2026 से होमस्टे का संचालन शुरू किया है। शुरुआत से अब तक लगभग 50 से 60 अतिथि उनके होमस्टे में ठहर चुके हैं। वे बताती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में घर से ही इस तरह की गतिविधि शुरू करने से उन्हें अपनी आजीविका के साथ-साथ अपने क्षेत्र की पहचान और विशेषताओं को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला है।
उन्होंने बताया कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिल रहे सहयोग और बढ़ते आत्मविश्वास ने भी ग्रामीण परिवारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। लाड़ली बहना योजना, खाद्यान्न योजना जैसी योजनाओं से मिले सहयोग ने परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दिया है। इसी आत्मविश्वास के साथ ग्रामीण महिलाएं अपने स्तर पर आजीविका के नए साधनों से जुड़ रही हैं।
रामनगर चौगान जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित हो रहे होमस्टे केवल ठहरने की सुविधा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरागत गतिविधियों, प्राकृतिक परिवेश और ग्रामीण आजीविका को पर्यटन से जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने घर और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं तथा बाहर से आने वाले लोगों को गांव के वास्तविक जीवन और स्थानीय परिवेश से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, एसडीएम बिछिया श्री कुलदीप पटेल, एसडीएम घुघरी श्री संस्कार बावेरिया, परियोजना अधिकारी श्री कपिल तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

