मंडला, 4 नवम्बर 2026
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती सहित राज्य एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों ने 3 नवंबर को निवास विकासखंड के थानमगांव एवं पायलीबहुर में नाबार्ड एवं प्रदान संस्था द्वारा संचालित वाटरशेड परियोजनाओं का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जल एवं मृदा संरक्षण, टिकाऊ कृषि, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया और प्रदान संस्था एवं ग्रामीण समुदाय के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में क्ळड नाबार्ड श्री सलिल जोकरकर, डीडीएम श्री देवव्रत पाल, एलडीएम श्री सुजॉय कुमार, एमपीजीबी के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री सुरेश परस्ते, उप क्षेत्रीय प्रबंधक श्री जितेंद्र ठाकुर, जिला सहकारी बैंक की सीईओ श्रीमती साक्षी पंडराम सहित विभिन्न बैंकों एवं संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित 200 से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक आदिवासी संस्कृति एवं लोकगीतों के माध्यम से किया गया। जल संरक्षण एवं वाटरशेड विकास पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने जल एवं मृदा संरक्षण संरचनाओं, पौधरोपण, मल्टीलेयर खेती, कृषि यंत्रों तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर बायो रिसोर्स सेंटर का उद्घाटन एवं बायोचार निर्माण का प्रदर्शन किया गया। ग्रामीण बैंक द्वारा स्व-सहायता समूहों को 96 लाख रुपये एवं किसानों को 25 लाख रुपये के केसीसी ऋण तथा जिला सहकारी बैंक द्वारा 9.80 लाख रुपये के केसीसी ऋण वितरित किए गए। इसके साथ ही किसानों को हाइड्रोजेल एवं स्प्रिंकलर सेट प्रदान किए गए। मुख्य महाप्रबंधक ने घुघरी में निर्मित हाट बाजार का भी उद्घाटन किया।

गोंड कला से जुड़ी महिला कलाकारों को किया प्रोत्साहित
कार्यक्रम के दौरान गोंड पेंटिंग से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की कलाकारों के साथ संवाद किया गया। मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती ने कलाकारों से उनके उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग एवं विपणन के संबंध में चर्चा की। उन्होंने बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों में सुधार और बेहतर मार्केटिंग पर जोर दिया। भोपाल में आयोजित ओजस्विनी महोत्सव मेले में समूह की सहभागिता के अनुभव भी जाने तथा कलाकारों को भविष्य में मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेकर गोंड कला को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य महाप्रबंधक ने वाटरशेड विकास, आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण तथा पारंपरिक कला के संरक्षण एवं विपणन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में जिला प्रशासन के सहयोग एवं समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर प्रदान संस्था के प्रतिनिधियों, वाटरशेड विकास समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। भ्रमण जल एवं मृदा संरक्षण, टिकाऊ कृषि, सामुदायिक नेतृत्व और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे समन्वित प्रयासों का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा।
