Reva India News
ब्रेकिंग न्यूज़मंडला हमारा जिला

रेवा इडिया न्यूज़ मुख्य समाचार 19 अगस्त

 

निर्धारित समयावधि में पूरा करें सभी निर्माण कार्य – हर्षिका सिंह

कलेक्टर ने ली निर्माण कार्यों से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक

 

मण्डला 19 अगस्त 2021

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्माण कार्यों से संबंधित सभी विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, आरईएस, डब्ल्यूआरडी, आदिवासी विकास, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। श्रीमती सिंह ने कहा कि सभी विभाग निर्माण कार्यों को निर्धारित शर्तों के अनुसार एवं समयावधि में पूर्ण करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। कलेक्टर ने पीआईयू विभाग द्वारा बनाए जा रहे स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सितम्बर तक कार्यों को अंतिम रूप दें। उन्होंने बिछिया, पाठासिहोरा के छात्रावासों की निर्माण की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में बेसिक मैंन्टेनेन्स का कार्य शाला प्रबंधन फंड से कराएं। उन्होंने कहा कि सिविल कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने नारायणगंज क्षेत्र में छात्रावास के लिए जमीन चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशित किया कि आगामी निर्माण कार्यों का वर्कप्लान प्रस्तुत करें। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग से निर्माणाधीन कार्यों की ब्लॉकवार जानकारी ली। इसी प्रकार विकासखण्डवार रोड संपर्क पर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर ने पूर्व में किए गए कार्यों के भुगतान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेतु विभाग कमजोर तथा मरम्मत के लिए आवश्यक पुल-पुलियों को चिन्हित करें।

श्रीमती सिंह ने ग्रामीण यांत्रिकी विभागों की समीक्षा करते हुए मनरेगा, खेत-तालाब, केनाल लाईनिंग, ग्रेवल रोड के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विधायक निधि से संपन्न निर्माण कार्यों के बारे में भी जानकारी मांगी। कलेक्टर ने केनाल लाईनिंग के कार्य की धीमी प्रगति से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए हेंडवॉश यूनिट, शौचालय, अतिरिक्त कक्ष, नवीन प्राथमिक शालाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शौचालय, बाउंड्रीवॉल तथा अतिरिक्त कक्षों का निर्माण एक माह के भीतर पूरा करें। इसी प्रकार सभी शौचालयों का निर्माण 15 सितम्बर तक पूर्ण करें। नवीन प्राथमिक शालाओं का भी निर्माण कार्य जल्द पूरा करें। श्रीमती सिंह ने लावरमुड़िया, भीमडोंगरी तथा निवास झुनझुना के निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तत्कालीन जिम्मेदार व्यक्ति या शासकीय सेवक आवंटित राशि प्रदान करें या निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराएं, अन्यथा संबंधितों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल संसाधन विभागों की भी समीक्षा की। उन्होंने जल संसाधन विभाग से केनाल लाईनिंग, बांधों के मैंन्टेनेन्स कार्य तथा वर्तमान जल स्तर के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूआरडी विभाग बांधों के जल स्तर पर सतत् निगरानी रखें तथा बारिश के दौरान अलर्ट मोड पर रहें।

जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक संपन्न

हेबीटेट राईट्स के अंतर्गत खण्डस्तरीय समिति बिछिया की अनुशंसा पर हुई चर्चा

 

कलेक्टर हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक गोलमेज सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी, उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा, डीएफओ कमल अरोरा, सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, एसडीएम बिछिया सुलेखा उईके, सहायक आयुक्त विजय तेकाम, रंजीत गुप्ता, सीईओ मवई श्री नामदेव, सरपंच अमवार, बैगा समुदाय के प्रतिनिधि एवं संबंधित उपस्थित थे। बैठक में हेबीटेट राईट्स के अंतर्गत जनपद पंचायत मवई के ग्राम अमवार में आयोजित ग्रामसभा, खण्ड स्तरीय समिति बिछिया द्वारा की गई कार्यवाही तथा खण्ड स्तरीय समिति बिछिया द्वारा जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के समक्ष रखी गई अनुशंसा पर चर्चा की गई।

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने खण्ड स्तरीय समिति बिछिया द्वारा हेबीटेट राईट्स के अंतर्गत बैगा समुदाय के लिए पारिस्थितिकीय, सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक अधिकारों के संबंध में की गई अनुशंसा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बैगा समुदाय के प्रतिनिधि तथा सरपंच को हेबीटे्ट राईट्स के अंतर्गत दिए जाने वाले अधिकारों तथा शर्तों के बारे में बताया। श्रीमती सिंह ने हेबीटे्ट राईट्स के अंतर्गत खण्डस्तरीय समिति बिछिया द्वारा ग्राम पंचायत अमवार एवं आसपास के क्षेत्र में चिन्हित किए गए पारिस्थितिकीय, सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक स्थानों के आधार पर बनाए गए मानचित्र का अवलोकन किया एवं एसडीएम बिछिया सुलेखा उईके से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में खण्ड स्तरीय समिति बिछिया द्वारा हेबीटेट राईट्स के अंतर्गत की गई अनुशंसाओं के संबंध में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्यों से सुझाव मांगे गए। एसडीएम बिछिया ने बैठक में खण्ड स्तरीय समिति बिछिया द्वारा हेबीटेट राईट्स के अंतर्गत की गई कार्यवाही विवरण का वाचन किया तथा हेबीटेट राईट्स के अंतर्गत दिए बैगा समुदाय को प्रदान किए जाने वाले अधिकारों एवं प्रतिबंधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

नगरपालिका द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ने की कार्यवाही जारी

 

न.पा.परि. अध्यक्ष पूर्णिमा (अमित) शुक्ला एवं मु.न.पा.अधिकारी प्रदीप झारिया के निर्देशानुसार शहर के मुख्य मार्गों से आवारा मवेशियों को रात्रि में सफाई कर्मचारियों के द्वारा पकड़कर (हाकागैंग) के माध्यम से कांजी हाउस में बंद किया जायेगा। साथ ही दिन में सफाई कर्मचारियों का दल गठित कर शहर के मुख्य मार्ग से मवेशियों को काऊ कैचर में पकड़कर शहर के बाहर गौशाला में छोड़ा जायेगा। हाकागैंग के माध्यम से 14 जुलाई को 60 नग एवं 7 अगस्त को 71 नग मवेशियों को पकड़ा एवं न.पा.परि. मण्डला के द्वारा पशु मालिकों से अपील की गई है कि अपने-अपने पशुओं को घर पर बांधकर अपने नियंत्रण में रखें। दो बार किसी भी मवेशी के बंद होने पर पशु मालिक के खिलाफ म.प्र. न.पा.अधि.1961 की धारा 233 के तहत् न्यूसेंस की कार्यवाही की जायेगी जिसकी समस्त जिम्मे.दारी पशु मालिक की होगी। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

20 अगस्त को मनाया जाएगा विश्व मच्छर दिवस

 

जिला मलेरिया अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। मानसून के शरुआत होते ही मच्छरों की संख्या एवं घनत्व में भी वृद्धि होने लगती है। इसमें आवश्यक है कि हम मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को लेकर जागरुक रहें। इन बीमारियों में मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया शामिल है। भारत में मानसून की शुरुवात से बारिस समाप्ति तक इन बीमारियों के बढ़ने के ज्यादा आसार होते हैं। वर्तमान में कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस के रुप में मनाया जायेगा, जिसके अंतर्गत कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए विभिन्न गतिविधियाँ शामिल हैं। मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो कि मलेरिया परजीवी के कारण होता है। मलेरिया परजीवी भारत में मुख्यतः दो प्रकार के पाये जाते हैं प्लाज्मोडियम वाइवेक्स एवं प्लाज्मोडियम फैल्सी फेरम, जिसे मस्तिष्क ज्वर मलेरिया परजीवी के नाम से भी जाना जाता है जो सर्वाधिक खतरनाक होता है। मादा एनाफिलीज को नाइट बायटिंग मच्छर भी कहा जाता है। जो सामान्यतः शाम एवं भोर बेला के बीच काटता है। यह मच्छर रुके साफ पानी में अंडे देता है। अंडे से मच्छर 9 से 11 दिन में बन जाता है। मलेरिया के लक्षण – कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। कपकपी के साथ तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी होना, बेचैनी, कमजोरी, सुस्ती, रुक-रुककर बुखार आना पसीना आकर बुखार उतरना, ठंड गर्मी या तपन का महसूस होना आदि मलेरिया के लक्षण हैें। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में खून की जांच कराऐं एवं मलेरिया की पुष्टि होने पर पूर्ण उपचार लें। खाली पेट दवा का सेवन कदापि नहीं करना चाहिये। मलेरिया की जांच व उपचार सभी शासकीय अस्पतालों पर निःशुल्क उपलब्ध है।

एजीड एजिप्टाई मच्छर डेंगू, चिकुनगुनिया, जीका बीमारी का वाहक होता है। यह मच्छर काले रंग का होने के साथ शरीर पर धारी लिए हुए होने के कारण आसानी से पहचाना जा सकता है। जिसका जीवनकाल 3 सप्ताह का होता है। यह मच्छर घर के अंदर एवं घर के बाहर अंधेरे एवं नमीयुक्त जगह, बर्तन पर, घरों में अलमारी में जहां कपड़े लटकते रहते हैं, पर्दों के आस-पास, फर्नीचर के नीचे, लटकते हुए वायर, रस्सी, छाते आदि पर छिपकर बैठते हैं। यह मच्छर साफ व रुके हुए पानी जैसे – अंडरग्राउन्ड टैंक, बैरल, टायर, सीमेन्ट की टंकिया, खुले मटके, बाल्टियां, कूलर, छत पर भरा हुआ पानी, पानी से बचाव हेतु लगाए गए पॉलीथीन में भरा हुआ पानी आदि में पैदा होते हैं। डेंगू के लक्षण – 2-7 दिन तक बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द जोडों में दर्द, आंख के पीछे दर्द, खसरा जैसे लाल चकत्ते-छाती एवं हाथों पर डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू के लक्षण होने पर क्या करें -शासकीय जिला चिकित्सालय अथवा मेडिकल में खून की जांच कराऐं। डेंगू का उपचार – डेंगू की पुष्टि होने पर चिकित्सक के परामर्श अनुसार पूर्ण उपचार लेना चाहिए। रोगी को पर्याप्त मात्रा में पेय पदार्थ जैसे- फलों का रस, पानी, ओ.आर.एस लेना चाहिए एवं आराम करना चाहिए। किसी भी दर्द निवारक गोली का सेवन नहीं करना चाहिए।

मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने हेतु भरे हुए पानी को हर 3-4 दिन में बदलना चाहिए। पानी संग्रहण करने वाली टंकी, बाल्टी एवं अन्य, पानी से भरे हुए बर्तन को ढक्कर रखना चाहिए। वाशबेसिन, बाथरुम मे पानी निकासी के स्थान में मच्छररोधी जाली लगवाना चाहिए एवं मच्छर की उत्पत्ति स्थल पर मिट्टी का तेल या जला हुआ ऑइल डालना चाहिए। यह आवश्यक है कि घरों के आस-पास सफाई रखें, अनावश्यक पानी जमा न होने दें। सोने के लिए हम मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों में मच्छर निरोधक जालियों, मच्छर निरोधी क्रीम, कॉइल का उपयोग करें। अपने घरों में मच्छर निरोधक पौधे जैसे- लेमन ग्रास, लहसुन, लेवेंडर, गेंदा, तुलसी, सिट्रोनेला इत्यादि लगायें।

23 अगस्त तक पूर्ण करें छात्रवृत्ति स्वीकृति का कार्य

 

जिला शिक्षा अधिकारी मण्डला माखन सिंह सेन्द्राम ने बताया कि समेकित छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत कक्षा 1 से 12 तक अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा पोर्टल पर वर्ष 2018-19, वर्ष 2019-20 एवं वर्ष 2020-21 के विद्यार्थियों का प्रोफाईल अपडेशन एवं पात्रतानुसार छात्रवृत्ति स्वीकृति अभी भी शेष है। 23 अगस्त 2021 तक पूर्ण किए जाने हेतु तिथि बढ़ाई गई है।

शिक्षा पोर्टल पर अभी भी विद्यार्थियों की प्रोफाईल अपडेशन एवं स्वीकृति में लंबित प्रदर्शित हो रहा है। अतः उक्तानुसार गत वर्षों के लिए विद्यार्थियों के प्रोफाईल अपडेशन एवं पात्रतानुसार छात्रवृत्ति स्वीकृति किए जाने के लिए शिक्षा पोर्टल पर सुविधा अंतिम रूप से 23 अगस्त 2021 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात पोर्टल बन्द कर दिया जायेगा। अतः उक्तानुसार कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। निर्धारित समयावधि उपरान्त यदि कोई विद्यार्थी प्रोफाईल अपडेशन, छात्रवृत्ति स्वीकृति नहीं होने से छात्रवृत्ति से वंचित रहता है, तो उसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित संकुल प्राचार्य एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का होगा।

समस्त प्राचार्य, समस्त प्राधानाध्यापक शासकीय, अशासकीय उमावि., हाईस्कूल, माध्यमिक, प्राथमिक विद्यालय जिला मण्डला को निर्देशित किया है कि नियत समय पर छूटे हुए विद्यार्थियों की प्रोफाईल अपडेशन एवं स्वीकृति की कार्यवाही पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

फसल नुकसान होने पर आर्थिक सहायता स्वीकृत

 

एसडीएम निवास से प्राप्त जानकारी के अनुसार संतकुमार निवासी ग्राम पड़रिया उर्फ नारायणगंज की खेत में बिजली के खम्भे में शॉर्टसर्किट होने से आग लगने से गेहँू की फसल जलकर नष्ट होने के कारण आवेदक को कुल 54 हजार रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि संबंधित के बैंक खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में अब तक 660 मिमी. औसत वर्षा दर्ज

 

जिले में इस वर्ष एक जून से 19 अगस्त के दौरान 660 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 839.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 179.1 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 अगस्त को मंडला में 13.4, नैनपुर में 40.5, बिछिया में 13.4, निवास में 25.5, घुघरी में 39.6 मिमी., नारायणगंज में 20.6 मिमी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार 19 अगस्त को जिले में 25.5 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।

शराब निर्माण एवं तश्करी के विरूद्ध की गयी कार्यवाही

 

जिला आबकारी अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डला जिले में अवैध मदिरा विनिर्माण, परिवहन व विक्रय के रोकथाम हेतु जिला कलेक्टर श्रीमति हर्षिका सिंह के निर्देशन में एवं जिला आबकारी अधिकारी खेमराज श्याम के मार्गदर्शन में आबकारी टीम मण्डला द्वारा लगातार जिले के विभिन्न संदिग्ध इलाकों में मदिरा के अवैध निर्माण, विक्रय एवं अवैध परिवहन को प्रतिबंधित करने हेतु छापामार कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही के दौरान अंजनियां क्षेत्र के समीप ग्राम छिंदाटोला मलसागर तालाब के पास अवैध शराब निर्माण किये जाने वाले अड्डों पर छापामार कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान 6 प्लास्टिक के डिब्बों में करीब 90 लीटर हाथ से निर्मित अवैध महुआ शराब एवं अवैध महुआ शराब निर्मित किये जाने के लिये 195 प्लास्टिक के डिब्बों में करीब 1950 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। इस अपराध में संलिप्त अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) (च) के अन्तर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

उक्त कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक इन्दु उपाध्याय, गिरिजा धुर्वे एवं आबकारी मुख्य आरक्षक हरेसिंह, दुर्जनसिंह, तथा आबकारी आरक्षक राजेन्द्र खाण्डेलकर, विजय कमलेश, नेतराम काकोटिया, शकुन्तला सैयाम, ममता बैरागी उपस्थित रहे। जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कड़ी नजर रखते हुए अवैध, जहरीली शराब के विनिर्माण, परिवहन व विक्रय की रोकथाम हेतु निरंतर गश्त एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही जारी रहेगी।

पशुधन संजीवनी योजना

 

उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 1962 पशुधन संजीवनी योजनांतर्गत आकस्मिक एवं घर पहूँच सेवा के माध्यम से पशुपालकों को पशु चिकित्सा सुविधायें जैसे- पशु उपचार, टीकाकरण, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। शासन का उद्देश्य है कि पशुपालकों को अब ये सुविधायें घर पर ही प्राप्त हों, जिसके लिए शासन ने 150 रूपए प्रति पशु सेवा शुल्क निर्धारित किया है। उन्होंने जिले के समस्त पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करें। लाभ हेतु टोल फ्री नम्बर 1962 में कॉल कर सकते हैं।

पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय खुलने का समय प्रातः 9 बजे शाम 4 बजे तक है, इस अवधि में पशुपालक अपने पशु उपचार के लिए संबंधित संस्था में ला सकता है। यदि औषधालय लाना संभव नहीं है तो विभाग द्वारा संचालित कॉल सेंटर नंबर 1962 पर फोन कर अपने पशुओं का उपचार अपने घर पर करवा सकते हैं। उपचार के लिए विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क 150 रूपए है।

 

मंडला जिले में ग्राम पंचायत अमवार के बैगा समुदाय को हैबिटैट राइट्स दिए जाने का ऐतिहासिक निर्णय

जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक संपन्न

भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के आदेशानुसार वन अधिकार अधिनियम के तहत् जिला स्तरीय वनाधिकार समिति द्वारा जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय को उनके प्राकृतिक व पर्यवास के अधिकार दिये गए। जिला कलेक्टर ने इस प्रक्रिया को 29 अक्टूबर 2020 को जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर सर्वप्रथम बैगा समुदाय के प्राकृतिक वासों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए थे जिसमें सर्वप्रथम दूरस्थ क्षेत्र मवई के बैगा बाहुल्य ग्राम पंचायत का चयन कर अधिनियम के प्रावधान अनुसार कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। 20 नवंबर 2020 को ग्राम पंचायत अमवार के रहटा खेरो ग्राम में ग्रामसभा का आयोजन किया गया जिसमें बैगा समुदाय के लोगों के साथ हैबिटैट राइट्स के बारे में विस्तार से एवं उनकी भाषा में चर्चा की गयी। एस॰डी॰एम॰ बिछिया के द्वारा बैगा समुदाय के साथ कर लगातार चर्चा कर उनके पूर्वजों के समय से उपयोग किये जा रहे स्थान जैसे- देवस्थल, वनउपज संकलन के स्थान, जंगल के रास्ते, नदी नाले, औषधीय तक पहुँच के स्थान, चारागाह, शमशान, धार्मिक रीति रिवाजों के स्थान जहाँ वे साल में एक बार जाते हैं, जहाँ वे 5 साल में एक बार जाते हैं, आदि सभी स्थलों का चिन्हांकन कर एक नक्शा तैयार किया गया। नक्शे में सभी स्थलों को प्रदर्शित कर उनकी जानकारी अंकित की गयी। साथ ही सभी स्थानों के जीपीएस लोकेशन भी अंकित कराये गये। उक्त प्रकिया पूर्ण होने पर हैबिटैट राइट्स के अधिकार दिये जाने की संविधानिक प्रकिया के अनुसार देश के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष ग्रामसभा में बैगा समुदाय को हैबिटैट राइटस दिये जाने की अनुशंसा सर्व सम्मति से की गयी। ग्राम सभा में  जिला स्तर के अधिकारी, एस॰डी॰एम॰ बिछिया, वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी, सी॰ई॰ओ॰ जनपद, तहसीलदर, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। तत्पश्चात् प्रस्ताव उपखंड स्तरीय समिति को प्रेषित किया गया।

अधिनियम में दिये प्रावधान अनुसार जिला प्रशासन के पहल से शीघ्र ही उपखंड स्तरीय समिति की बैठक 18 अगस्त को आयोजित कर हैबिटैट राइट्स का अधिकार वनों और वन्य जीव को सुरक्षित रखने की शर्तों के साथ दावा, प्रस्ताव मान्य की अनुशंसा सहित जिला स्तरीय वन समिति को अंतिम निर्णय के लिए प्रेषित किया गया। 19 अगस्त को कलेक्टर हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वन अधिकार की बैठक आयोजित की गई। साथ ही ग्राम पंचायत अमवार के हैबिटैट राइट्स के सम्बंध में डी॰एल॰सी॰ बैठक में आकर अपना दावा प्रस्तुत कर आमंत्रित किया गया। जिला स्तरीय बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी, उपाध्यक्ष शैलेश मिश्रा, उपाध्यक्ष डीएफओ श्री अरोरा, सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, सहायक आयुक्त, एस॰डी॰एम॰ बिछिया, सी॰ई॰ओ॰ जनपद मवई, क्षेत्र संयोजक आदिवासी विकास उपस्थित रहे। साथ ही पंचायत स्तर से भी अपने दावे के समर्थन में ग्रामसभा अध्यक्ष, सरपंच एवं बैगा समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में हैबिटैट राइट्स प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गयी जिसमें एस॰डी॰एम॰ बिछिया  द्वारा विस्तार से ग्राम पंचायत अमवार के हैबिटैट राइट्स की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी डी॰एल॰सी॰ के समक्ष प्रस्तुत की गयी। साथ ही हैबिटैट राइट्स का नक्शा भी प्रदर्शित किया गया। अधिनियम के प्रावधान अनुसार हैबिटैट के आर्थिक, परिस्थितिक, सामाजिक, जननांकीय निर्धारकों का नक्शे में निर्धारण किया गया। बैठक में सभी सदस्यों ने अपनी बात रखी। ग्राम पंचायत सदस्यों ने डी॰एल॰सी॰ के समक्ष अपने प्राकृतिक वास के बारे में बताया। डी॰एफ़॰ओ॰ श्री अरोरा ने हैबिटैट राइट्स को दिए जाने में वन, वन्यजीव की सुरक्षा की शर्तों के साथ सहमति का मत रखा। कलेक्टर श्रीमती हर्षिका सिंह ने प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप बैगा समुदाय के ऐतिहासिक अधिकार को दिये जाने की सर्व सम्मति से ग्राम पंचायत अमवार के हैबिटैट राइट्स के दावे को मान्य किया गया। इसके साथ ही बैगा समुदाय अपने वनों में अपनी प्राचीन परंपराओं के साथ रहेंगे। बैगा समुदाय के अमवार ग्रामसभा के अध्यक्ष सुखराम ने कहा कि हेबिटेट राइट्स के अधिकार की मान्य मिलने पर हमें बहुत ख़ुशी है। इसके इसके किए हम बैगा समुदाय अमवार की ओर से जिला स्तरीय वनाधिकार समिति को धन्यवाद देते हैं। बैगा समुदाय को इसी प्रकार अन्य सभी योजनाओं का लाभ भी मिलता रहे।

Related posts

बलबीर सिंह धुर्वे नियुक्त हुवे भारतीय युवा कांग्रेस के मोहगॉव ब्लॉक अध्यक्ष कार्यकर्ताओ ने जताई ख़ुशी ……

Reva India News

जिले में अब तक 979.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज

Reva India News

जिले में मिले 38 नए कोरोना पॉजीटिव केस

Reva India News

Leave a Comment