मंडला. खरीदी केन्द्रों में बिना तुलाई व तौली गई धान की छल्ली लगी हुई है। धान तौलने के बाद परिवहन नहीं हो रहा है। जिसके कारण समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के बाद भी किसानों के खातों में राशि नहीं पहुंच रही। अफसर दावा कर रहे हैं कि किसानों की उपज खरीदने के बाद उसी समय परिवहन होकर उसके खाते में सात दिनों में सीधे भोपाल से राशि पहुंच रही है, जबकि हकीकत यह है कि खरीदी के बाद उपज का भंडारण ओपन कैप व गोदाम में ही हो रहा है। परिवहन दो से तीन दिन में हो रहा है। नई प्रक्रिया मेंं परिवहन होते ही किसान के खाते में राशि पहुंचना है। जिसकी रफ्तार बहुत धीमी चल रही है। अंजनियां, माधोपुर, मधुपुरी खरीदी केन्द्रों में धान की छल्ली लगी हुई है। खरीदी केन्द्र प्रभारी किसी तरह परिवहन कराने की जुगत में लगे हुए हैं। जिले में खरीदी गई धान का आधा भी परिवहन नहीं हो पा रहा है। जिससे कई खरीदी केन्द्रों में धान रखी की समस्या बन रही है। अब तक जिले में 2 लाख 22 हजार 591 क्विंटल से अधिक खरीदी हो चुकी है। वहीं परिवहन की गई धान की मात्रा एक लाख तीन हजार 634 क्विंटल के आसपास है।
सर्वेयर भी बरत रहे लापरवाही
गोदामो में स्थिति खरीदी केन्द्रों में धान की जांच के लिए सर्वेयर हैं। जहां सर्वेयर पहले जांच करते हैं जो भी कमी होती है उसे दूर कर तुलाई करवा रहे हैं। लेकिन दूसरे खरीदी केन्द्रों में सर्वेयर नियुक्त नहीं है। खरीदी केन्द्र प्रभारी ही धान को हरी झंडी दिखाने के बाद तौल करवा रहे हैं। लेकिन जब परिवहन कर धान गोदाम पहुंचती है तो वहां सर्वेयर धान को अमानक करार देकर वापस करा रहे हैं। जिससे किसानों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। डिठौरी खरीदी केन्द्र में जब धान से भरा ट्रक वापस खरीदी केन्द्र पहुंचा तो किसानो ने जमकर हंगामा किया। वहां उपस्थित किसानों की माने तो सर्वेयर ने पैसों की मांग पूरी नहीं होने पर धान को अमानक बताकर वापस कर दिया। डिठौरी उपार्जन केन्द्र से ट्रक में 840 बोरी धान का परिवहन सिध्द बाबा राइस मिल मोहन टोला किया गया था। इस संबंध में उपार्जन केन्द्र प्रभारी और सर्वेयर की बात फोन पर चल रही थी वहां उपस्थित किसान दोनों की बात सुन रहे थे किसानो के अनुसार सर्वेयर ने धान रिजेक्ट का कारण रुपए की डिमांड पूरी नहीं करना बता रहा था।
जब ट्रक खरीदी केन्द्र डिठौरी वापस हुआ तो किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। किसान पिछले दो चार दिनों से बारदाना नहीं होने की वजह से परेशान थे। ऊपर से धान से भरा ट्रक वापस होने से तुलाई फिर प्रभावित हुई। ट्रक पर एक किसान की 5 सौ बोरी धान थी जिससे ट्रक वापसी का भाड़ा 18 हजार देने की भी बात कही जानी लगी। किसानो ने तत्काल नागरिक आपूर्ति और खाद्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर दी। अधिकारी सर्वेयर लेकर डिठौरी उपार्जन केन्द्र पहुंचे जहां उक्त धान का परीक्षण कराया जिस पर धान मानक स्तर की पाई गई। जिसका अधिकारियों ने पंचनामा बनाया और किसानों को बताया धान मानक स्तर की है। जिसे रिजेक्ट नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों ने सर्वेयर पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया।
अंजनियां में अब तक 5 ट्रक रिजेक्ट
अंजनियां में दो खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। जहां पुराने हाईस्कूल मैदान में खरीदी की जा रही है। लेकिन यहां परिवहन की रफ्तार बहुत धीमी है। हाल में जगह ना होने के कारण केन्द्र प्रभारी ने खरीदी बंद कर दी थी। किसानो के हंगामे के बाद खरीदी शुरू की गई है। यहां के किसानो ने बताया कि केन्द्र में अब तक 5 ट्रक को गोदाम से वापस भेज दिया गया है। जब लगातार ट्रक वापस आने लगे तो केन्द्र प्रभारी ने खरीदी ही बंद कर दी। प्रभारी का कहना है कि जब गोदाम में ही अमानक धान या फटे बारदाने का हवाला देकर वापस भेजा जाएगा तो खरीदकर धान कहां रखेंगे। अधिकतर खरीदी केन्द्रो में सर्वेयर द्वारा रुपयों की डिमांड की बात सामने आ रही है।
सरल की जगह कठिन हो रही प्रक्रिया
समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी, बिक्री व भुगतान की प्रक्रिया सरल की जगह कठिन हो गई है। आधार अपडेट कराने के बाद भी जिले में कई किसान ऐसे हैं जिनके खातों में १५-२० दिन बाद भी रुपए जमा नहीं हुए। किसान खाद्य विभाग, विपणन संघ व सोसायटियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा। भुगतान प्रक्रिया को सरल करने के लिए जेआईटी (जस्ट इन टाइम) और परिवहन के लिए आरटीटी (रेडी टू ट्रांसपोर्ट) साफ्टवेयर तैयार किया और भोपाल से सीधे किसान के खाते में आने की बात कही। नए साफ्टवेयर से कुछ किसानों के खातों में तो राशि पहुंच गई लेकिन सप्ताहभर से उपज बेचने वाले किसानों को उपज के दाम अब तक नहीं मिल सके। इसका कारण देरी से परिवहन करना है।
इनका कहना
डिठौरी में किसानो की शिकायत के बाद अधिकारी पहुंचे थे, सैंपल लिए हैं व पंचनामा बनाया गया है। जिसकी भी लापरवाही होगी उस पर कार्रवाई की जाएगी। सर्वेयर पैसे की डिमांड कर रहे हैं तो इसकी जानकारी ली जाएगा। दोषियों पर उचित कार्रवाई होगी।
टीआर अहिरवार, जिला आपूर्ति अधिकारी
परिवहन में अटका भुगतान, सर्वेयर भी कर रहे परेशान
