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अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ ने महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

प्रति

 

महामहिम राज्यपाल महोदय, मध्यप्रदेश शासन, राजभवन भोपाल मध्य

 

द्वारास

 

कलेक्टर महोदय, जिला मण्डला

 

विषयः

 

संदर्भ महोदय

 

मध्यप्रदेश में स्पेशल कौसिल एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री मनोज गोरकेला द्वारा बताये गये नवीन पदोन्नति नियम को शीघ्र लागू करने बावत्। माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय दिनांक 18/01/2022

 

उपरोक्त विषयातर्गत संघ आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता है कि जी द्वारा के प्रातीग अधिवेशन दिनांक 22 जून 2016 भोपाल में घोषणा क्रमांक की 2047 की गई श्री कि “पदोन्नति में आरक्षण हर हाल में जारी

 

रहेगा उसके लिए यदि नियम बनाना होगा तो नियम बनाया जायेगा।” माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई उक्त घोषणा के पालन हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा माननीय सर्वोज न्यायालय के अधिवक्ता एवं मध्यप्रदेश के स्पेनल कोसिल भी मन गोरकेला से नवीन पदोन्नति नियम का ड्राफ्ट तैयार कराया ज मारतीय सर्वोच न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री सिदी एवं माननीय उच्च न्यायालय केनयानिवृत्त न्यायाधी द्वारा संविधान एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नहीं बताया है। यह नियम दिनांक 28/01/2022 को माननीय

 

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जो निर्णय दिया गया है उसके अनुरूप भी है।

 

1

 

माननीय सर्वोझ न्यायालय के निर्णय दिनांक 28/01/2022 के बिन्दु क्रमांक 16 (2) में उल्लेख किया गया है कि प्रतिनिधित्व

 

डाटा एक यूनिट बेडर होना चाहिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूर्व में केडर बलाज एवं विभागवार डाटा कलेक्ट किया गया है जिसे शासन द्वारा माननीय सर्वोद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिसके आधार पर नवीन पदोन्नति नियम गया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा है कि आदेश प्रास्पेक्टिक भविष्य में लागू होगा। पदोहति नियम में भी इसका प्रावधान किया गया है। गाननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने विषय में कहा है कि रिथ्णु एवं एडकेट रिप्रजेंटेशन का

 

बाईस्टिक एवं रिव्यु करने का अधिकार राज्य सरकार पर छोड़ा है। संविधान में भी यही प्रावधान है और नीनो

 

नियम में भी प्रत्येक जनगणना में रिव्यु करने का प्रावधान रखा गया है।

 

माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अपने निर्णय में आरके सभरवाल प्रकरण के पोस्ट बेस्ड रोस्टर को

 

मनोज र अधिवक्ता माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बनाये गये ट्रस्ट में भी पोस्ट रोस्टर

 

गया है जिसकी इकाई केटर है।

 

महोदय सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा माननीय सब न्यायालय के अधिवक्ता एवं मध्यप्रदेश केशल कॉमिन श्री मनोज गोरा अधिवक्ता से जो पदोन्नति नियम बनाया गया है वह पूरी तरह माननीय सर्वाध न्यायालय के पूर्व निर्णत एवं दिनां

 

28/01/2022 को दिये गये निर्णय के अनुरूप है।

 

कृपया अवगत होना चाहेंगे कि सी.एम. सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारी के निर्देशन में जो पोप्रति नियम बनाया गया है यह संविधान के विपरीत है एवं कुछ वरिष्ठ अधिकारी माननीय मुख्यमंत्री महोदय, मुख्य सचिव महोदय एवं मंत्री समूह की गुमराह कर रहे हैं और संविधान के विरुद्ध नियम बनाने के लिए पक्ष रख रहे हैं जो कि नियम विरुद्ध होने के साथ साथ माननीय मुख्यमंत्री की इच्छा और संविधान के विरुद्ध है जबकि दूसरी तरफ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जो नियम श्री मनोज मरकेला माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं शासन के स्पेशल फोनित द्वारा बनाया गया है और सामान्य प्रशासन विभाग के पास है वह पूरी तरह माननीय स

 

न्यायालय के निर्णय और संविधान के अनुरूप है।

 

अतः संघ आपसे पुनः विनम्र निवेदन करता है कि माननीय मुख्य मंत्री जी द्वारा की गयी घोषणा का पालन कराने हेतु सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री मनोज गोरकेला द्वारा तैयार किया गया पदोन्नति नियम ड्राफ्ट को यथावत् लागू कराकर सभी वर्गों को पदोशति देने हेतु आदेश जारी कराने का कष्ट करें। संघ आपका आभारी रहेगा।

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