प्रति,
महामहिम राज्यपाल महोदय,
मध्यप्रदेश शासन, राजभवन भोपाल मप्र
कलेक्टर महोदय, जिला मण्डला
आउटसोर्सिंग प्रथा बंद करने एवं यदि अपरिहार्य स्थिति में लागू करना आवश्यक हो तो इसमें आरक्षण लागू करने
बावतु।
माननीय मुख्य मंत्री की घोषणा क्रमांक वी 2050 दिनांक 12/06/2016 “नियमित नियुक्ति के अलावा संविदा एवं दूसरी तरह की सभी नियुक्तियों पर भी आरक्षण लागू रहेगा,
द्वाराश
विषय:
संदर्भ:-
महोदय,
उपरोक्त विषयांतर्गत संघ का निवेदन है कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 12/06/2016 को घोषणा की गई थी कि “नियमित नियुक्ति के अलावा संविदा एवं दूसरी तरह की सभी नियुक्तियों पर भी आरक्षण लागू रहेगा, किन्तु घोषणा के काफी समय बीत जाने पर भी आउटसोर्सिंग में न तो आरक्षण समाप्त किया गया और न ही आरक्षण
लागू हुआ है। तत्पश्चात् माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा अजाक्स के प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त भी किया गया था कि 15 दिवस के अंदर संबंधित आदेश जारी हो जायेंगे किंतु आज दिनांक तक आदेश जारी नहीं हुए हैं और इसमें शासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारी अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के विरूद्ध स्थिति निर्मित करने में प्रयासरत हैं जो आपकी, माननीय मुख्यमंत्री जी एवं शासन की मंशा के विपरीत है। यह स्थिति प्रदेश हित में नहीं है एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के सर्वांगीण विकास में भी बाधक है साथ ही साथ मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने में अवरोध है।
कृपया अवगत होना चाहेंगे कि ठेका/आउटसोर्सिंग प्रथा में गरीब और आरक्षित वर्गों का शोषण हो रहा है। उदाहरण के तौर पर ठेकेदार 100 स्वीकृत सफाई कर्मियों के स्थान पर केवल 25 सफाईकर्मी लगाता है और उनको कलेक्टर दर से वेतन न देकर 40 प्रतिशत वेतन दिया जाता है।
अतः संघ आपसे विनम्र निवेदन करता है कि ठेका पद्धति / आउट सोर्सिंग की प्रथा तत्काल बंद की जाये या संभव न हो तो इसमें आरक्षण अधिनियम 1994 के प्रावधानों के तहत आरक्षण का पालन सुनिश्चित कराने के लिए समुचित नियम/निर्देश जारी कराने का कष्ट करें। बिहार सरकार द्वारा राज्य में आउटसोर्सिंग में आरक्षण लागू किया गया है। संघ आपका सदैव आभारी रहेगा।
