मण्डला 22 मार्च 2022
प्राचार्य रानी दुर्गावती शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, विश्व बैंक परियोजना अंतर्गत विगत दिवस वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों का दल जिले के औद्योगिक केन्द्र, आधारताल एवं रिछाई स्थित औद्योगिक इकाईयों के भ्रमण एवं अध्ययन के लिए गया। इसमें संकाय के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। औद्योगिक भ्रमण दल को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश चौरसिया एवं विश्व बैंक परियोजना प्रभारी डॉ. टी.पी. मिश्रा ने हरी झण्डी दिखाकर प्रस्थान किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के दल ने औद्योगिक केन्द्र स्थित इकाईयों का भ्रमण कर इनके उत्पादन की पूर्ण प्रक्रिया के व्यवहारिक ज्ञान के साथ औद्योगिक इकाईयों का अध्ययन किया।
जिला औद्योगिक केन्द्र जबलपुर के सहयोग से आधारताल एवं रिछाई स्थित प्लांट के भ्रमण में विद्यार्थियों ने औद्योगिक केन्द्र में बड़ी-बड़ी इकाईयों द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पादों के निर्माण के बारे में जाना। आधारताल स्थित औद्योगिक इकाईयों में एम.पी. मेटल उद्योग, व्ही.आई.पी. नमकीन एवं मसाले उद्योग, पापुलर ब्रेड, निर्माण रेडीमेड गार्मेन्ट इकाई का भ्रमण किया। औद्योगिक केन्द्र रिछाई जबलपुर स्थित बहु राष्ट्रीय कम्पनी कोका-कोला की फ्रेंचायजी उदयपुर वेबरीज लिमिडेट, पारले बिस्कुट निर्माण की फ्रेंचायजी कम्पनी बालाजी प्राईवेट लिमिडेट, प्लास्टिक पाईप निर्माण की इकाई रेवा पोलीमर्स प्राईवेट लिमिडेट का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना कैसे की जा सकती है तथा उद्योगों के विविध आयामों को समझा। औद्योगिक इकाईयों के भ्रमण के दौरान पॉपुलर एवं कोका-कोला औद्योगिक इकाईयों के प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों का स्वागत करते हुये अपने उत्पाद उपहार में दिए। औद्योगिक केन्द्र जबलपुर के संयुक्तों संचालक क्लोरिस मार्टिन एवं जिला औद्योगिक केन्द्र जबलपुर के प्रबंधक प्रवीण द्विवेदी ने विद्यार्थियों को विस्तारपूर्वक औद्योगिक इकाईयों के भ्रमण एवं अध्ययन में अमूल्य सहयोग प्रदान किया। दल में महाविद्यालय से डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, डॉ. अर्जुन सिंह बघेल की सहभागिता रही, जिन्होंने भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को औद्योगिक इकाईयों की स्थापना, प्रबंध संचालन, उत्पादन प्रक्रिया, विपणन एवं औद्योगिक इकाईयों में लागू होने वाले विभिन्न अधिनियमों की जानकारी से अवगत कराते हुए उन्हें व्यवहारिक अध्ययन कराया।
