6 जून 2025, मंडला
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड मंडला ने बताया कि मंडला जिले के 1215 गाँव में स्थापित हैडपंप, कुआं, ट्यूब वेल, पानी की टंकी, सम्पवेल आदि में क्लोरिनेशन का कार्य किया जा रहा है। क्लोरीनेशन कार्य में सरपंच/सचिव/रोजगार सहायक एवं ग्रामीणों से पंचनामा बनाने के साथ-साथ ग्रामीणों को शुद्ध जल के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। जिससे बारिश के दौरान जल जनित बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सभी ग्रामीणों से निवेदन है कि एच 2 एस वायल्स पीएचई कार्यालय से प्राप्त करें, पेयजल स्त्रोत के पानी का परीक्षण करें, उपरोक्त विधि से आप स्वयं पानी की जांच कर सकते हैं, उल्टी, दस्त (डायरिया) केवल दूषित पानी से नहीं होता। दूषित भोजन जैसे वासी भोजन खाद्य जो बारिश व नमी व उमस वाले मौसम में नहीं करना चाहिए। चकोड़ा भाजी अन्य भाजी (पत्तियों में किट चिपके होते हैं) दूषित मशरूम, बासी ब्रेड, रोटी ऐसा कोई भी भोजन न करें जो दूषित हो गया या बारिश उमस में सड़ने से डॉक्टर मना करें। बारिश में मछली न खाएं क्योंकि मछली का प्रजनन होता है। जलीय जंतु बारिश में न खाएं। पानी को नियमित रूप से उबालकर पीयें। क्लोरीन टेबलेट का उपयोग करें। झिरिया, पोखर, नाले का पानी न पिएं। नदी एवं कुआं के पानी को अच्छी तरह उबालें क्लोरीन की गोली डालने के बाद ही पानी का उपयोग पीने के लिए करें। हैण्डपंप का पानी पियें एवं हैंडपंप के आसपास व पानी के स्त्रोतों को साफ रखें। साथ ही उल्टी, दस्त, बुखार होने पर तत्काल नजदीक के अस्पताल में उपचार करावें एवं स्वास्थ्य विभाग एवं पीएचई विभाग को इसकी सूचना देवें।
