मंडला, 3 नवंबर 2025
जिले के विभिन्न रेशम केंद्रों के हितग्राहियों द्वारा उत्पादित मलबरी कोकून को धागा निर्माण के लिए देवदरा रेशम धागाकरण इकाई में भंडारित किया गया है। यहाँ की महिला हितग्राहियों द्वारा परिश्रम से रेशमी धागा तैयार करने का कार्य किया जा रहा है।

महिलाएँ जॉब दर पर लगभग 750 रुपए प्रति किलोग्राम के मान से रेशम धागा तैयार कर रही हैं। इस कार्य से उन्हें नियमित रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

देवदरा इकाई में उत्पादित रेशम धागे की गुणवत्ता को देखते हुए इसका विक्रय ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से राज्य एवं राज्य से बाहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों कृ बैंगलुरु, मालदा (पश्चिम बंगाल), भागलपुर, बनारस, चापा (छत्तीसगढ़) और महाराष्ट्र के व्यापारियों को किया जा रहा है।

महिला हितग्राहियों द्वारा संचालित यह धागाकरण इकाई देवदरा आज जिले में महिला आत्मनिर्भरता और ग्रामीण उद्योग के सशक्त उदाहरण के रूप में उभर रही है। यहाँ निरंतर और सुव्यवस्थित तरीके से रेशमी धागा उत्पादन का कार्य किया जा रहा है, जिससे मंडला जिले का नाम रेशम उत्पादन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित हो रहा है।

