कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनी 88 आवेदकों की समस्याएँ
मंडला, 17 फरवरी 2026
जिला मुख्यालय स्थित जिला योजना भवन में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान जिले के विभिन्न अंचलों से आए 88 आवेदकों ने अपनी शिकायतों और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
जनसुनवाई के दौरान आवेदकों से संवाद करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने आवेदनों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, एसडीएम मण्डला श्रीमती सोनल सिडाम, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ एवं श्री सचिन जैन सहित समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक: निर्माण कार्यों में देरी पर सीईओ ने जताई नाराजगी, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
मंडला, 17 फरवरी 2026
जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनपद पंचायतों के सहायक यंत्रियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शाश्वत सिंह मीना की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति और अधोसंरचना कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान सीईओ श्री मीना ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। लंबे समय से लंबित या अप्रारंभ आंगनवाड़ी भवनों को तत्काल शुरू कराया जाए। बाल सुलभ शौचालयों के निर्माण में तेजी लाई जाए। समीक्षा के दौरान परियोजना निवास में बाल सुलभ शौचालयों की बड़ी संख्या में अप्रारंभ स्थिति पाए जाने पर सीईओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य प्रणाली में सुधार लाने और निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने की हिदायत दी। प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डीएनसी डैशबोर्ड, आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हितग्राहियों का व्यापक सर्वे किया जाए। सभी पात्र हितग्राहियों की आभा और अपार आईडी बनाने का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें अनिवार्य रूप से एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराएं। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संचालक, सभी ब्लॉकों के परियोजना अधिकारी और जनपद पंचायतों के सहायक यंत्री मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भरता की नई पहचान – महेंद्र राजपूत
मजदूरी से उद्यमिता तक का सफर: पीएम स्वनिधि योजना ने बदली महेंद्र की दुनिया
मंडला, 17 फरवरी 2026
कभी दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्री महेंद्र राजपूत आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुके हैं। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान जब मजदूरी बंद हो गई और जमा पूंजी समाप्त हो गई, तब उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया। भविष्य अनिश्चित नजर आने लगा था, लेकिन इसी कठिन समय में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना उनके लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई।
श्री राजपूत को इस योजना की जानकारी मिली। उन्होंने बिना देर किए नगरपालिका परिषद मण्डला में ऑनलाइन पंजीयन कराया। योजना की सरल और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें म.प्र. ग्रामीण बैंक की बिंझिया शाखा से प्रथम किश्त के रूप में 10 हजार रुपये की कार्यशील पूंजी प्राप्त हुई। प्राप्त राशि से श्री महेंद्र ने मण्डला में रेस्ट हाउस के पास इडली-सांभर का ठेला लगाना शुरू किया। स्वाद और मेहनत के दम पर उनका व्यवसाय धीरे-धीरे चल निकला। आज उनकी मासिक आय 12 हजार से 15 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जिससे उनका परिवार सम्मानजनक जीवन जी पा रहा है।
श्री महेंद्र राजपूत बताते हैं कि उन्होंने पहला ऋण समय पर चुका दिया है और अब अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए 20 हजार रुपये के अगले ऋण के लिए आवेदन भी कर दिया है। वे कहते हैं, “प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने मुझे तब सहारा दिया, जब मुझे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। बिना किसी परेशानी के ऋण मिलने से मैं अपने ही शहर में रोजगार स्थापित कर सका। मैं और मेरा परिवार प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करते हैं।”
महेंद्र राजपूत की यह कहानी बताती है कि सही समय पर मिली सहायता और दृढ़ संकल्प से कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना सकता है।

छत्तीसगढ़ के लिए 40 जनप्रतिनिधियों का एक्सपोजर विजिट दल रवाना
मंडला, 17 फरवरी 2026
क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज प्रशिक्षण केन्द्र सिवनी द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) अंतर्गत राज्य के बाहर एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का दल 17 से 21 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ राज्य के भ्रमण पर रहेगा।
एक्सपोजर विजिट में मध्यप्रदेश से कुल 40 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें विभिन्न जिलों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत राज संस्थाओं को सशक्त बनाने, सुशासन की बेहतर पद्धतियों को समझने तथा अन्य राज्य में संचालित नवाचारों एवं सफल मॉडलों का अध्ययन करना है।
मण्डला से दल को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कमलेश तेकाम तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शाश्वत सिंह मीना ने हरी झण्डी दिखाकर बस को रवाना किया।
इस अवसर पर डॉ विनोद सिंह, प्राचार्य, क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज प्रशिक्षण केन्द्र सिवनी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि यह अध्ययन भ्रमण प्रतिभागियों के अनुभव एवं ज्ञानवर्धन में सहायक सिद्ध होगा तथा पंचायतों के प्रभावी संचालन में उपयोगी साबित होगा।

