मंडला, 30 मार्च 2026
अनुभाग नैनपुर अंतर्गत प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 543 के निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि के संबंध में कृषकों एवं ग्रामवासियों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामों में शिविरों का आयोजन किया गया। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 23 मार्च को ग्राम कजरवाड़ा, जेहरमऊ, अमझर चक, सर्री, अमझर जर एवं चिरईडोंगरी जर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसी प्रकार 24 मार्च को सांगवा, अतरिया, गोंझी, उमरिया, धनौरा एवं इटका ग्राम तथा 25 मार्च को धतूरा, डीलवाड़ा माल, जामगांव, अलीपुर, रामपुरी एवं ईश्वरपुर ग्रामों में शिविर आयोजित किए गए।

उक्त शिविरों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नैनपुर श्री आशुतोष ठाकुर सहित राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्त बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।

शिविरों के दौरान कृषकों को बताया गया कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग 543 का एलाइनमेंट किन-किन ग्रामों एवं भूमि खंडों से होकर गुजर रहा है तथा उनकी कितनी भूमि अधिग्रहित की जा रही है। साथ ही कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर निर्धारित मुआवजा राशि, अधिग्रहित परिसंपत्तियों का मूल्यांकन, ब्याज सहित कुल solatium राशि तथा पारित अवार्ड की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि यदि कोई हितग्राही पारित अवार्ड अथवा मुआवजा राशि से असंतुष्ट है, तो वह नियमानुसार कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के न्यायालय में आर्बिट्रेशन के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया एवं अधिकारों की जानकारी भी विस्तार से समझाई गई।

शिविरों के दौरान राजस्व नक्शों के माध्यम से प्रस्तावित मार्ग का स्पष्ट प्रदर्शन कर उसके प्रभाव क्षेत्र की जानकारी दी गई, जिससे ग्रामवासियों को योजना की समुचित समझ विकसित हुई। उपस्थित ग्रामीणों द्वारा अपने प्रश्न एवं सुझाव भी साझा किए गए, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया।

प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भूमि अधिग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, विधिसम्मत एवं कृषक हितैषी हो तथा प्रभावितों को समयबद्ध रूप से उचित मुआवजा प्रदान किया जा सके, ताकि समयावधि में विकास कार्यों के लिए भूमि का अधिग्रहण कर विकास परियोजनाओं को प्रारंभ किया जा सके।
