मंडला, 3 सितंबर 2026
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.जे. मोहन्ती ने जनसमुदाय से बरसात के मौसम में संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान दस्त, उल्टी, पेचिश, पेटदर्द, डायरिया, पीलिया, टायफाइड, बुखार और मलेरिया जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने नागरिकों से ताजा भोजन एवं शुद्ध पेयजल का सेवन करने की अपील की है। पानी को उबालकर, छानकर अथवा फिल्टर और आरओ से शुद्ध कर पीएं। कुएं, नदी, नाले, पोखर और झील का पानी बिना शुद्ध किए न पिएं। बासी, सड़ी-गली सब्जियाँ एवं फल तथा दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं तथा स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें।
उल्टी-दस्त या दस्त संबंधी बीमारी होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें। ओआरएस का घोल और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें। दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में उपचार कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता के माध्यम से भी आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं प्राप्त की जा सकती हैं।
बारिश के मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और फाइलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। गड्ढों को भरें तथा पुराने टायर, कबाड़ और अन्य सामान को ढंक्कर रखें। कूलर और पानी की टंकियों को नियमित रूप से खाली कर साफ करें।
मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है, जिसमें तेज बुखार, सिरदर्द, हाथ-पैर में ऐंठन और उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है। चिकनगुनिया में तेज बुखार के साथ जोड़ों में तेज दर्द और शरीर पर चकत्ते हो सकते हैं।
मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम या अन्य रिपेलेंट का उपयोग करें तथा पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। शाम के समय खिड़की-दरवाजे बंद रखें। बुखार आने पर तत्काल जांच कराएं। सीएमएचओ ने अपील की है कि बुखार होने पर नजदीकी अस्पताल में जाकर खून की जांच कराएं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर जांच एवं आवश्यक दवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में शुद्ध पेयजल और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखकर अनेक संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
