मंडला, 1 नवम्बर 2026
प्रदेश के वृंदावन गाँवों में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शासकीय पशु चिकित्सालय पिंडरई में आयोजित प्रतियोगिता में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने सहभागिता की। उन्होंने गौमाता का पूजन कर उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता का विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजन का पर्व हमें प्रकृति, पशुधन और कृषि के प्रति सम्मान एवं संरक्षण का संदेश देता है। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसान खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन एवं अन्य सहायक गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा पशुपालन को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। ऐसी प्रतियोगिताओं से पशुपालकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना तथा पशुपालकों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विभिन्न पशुपालकों को सम्मानित किया गया। घुघरी में श्री भास्कर द्विवेदी ने प्रतिदिन औसत 15.38 लीटर दुग्ध उत्पादन के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्री धनश्वर प्रसाद चौकसे 5.036 लीटर के साथ द्वितीय तथा श्री दुर्गेश चौकसे 4.91 लीटर के साथ तृतीय स्थान पर रहे। इसी प्रकार कुडामेली में श्री परमानंद यादव 13.76 लीटर के साथ प्रथम, श्रीमती भूरी बाई यादव 12.43 लीटर के साथ द्वितीय तथा श्री राहुल यादव 11.69 लीटर के साथ तृतीय स्थान पर रहे। पिंडरई में श्रीमती सरिता पांडे 8.56 लीटर के साथ प्रथम, श्रीमती नीता बाई 7.86 लीटर के साथ द्वितीय तथा श्री प्रदीप राजपूत 6.846 लीटर के साथ तृतीय स्थान पर रहे।

मंत्री श्रीमती उइके ने सभी पुरस्कृत पशुपालकों को बधाई देते हुए कहा कि गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार जैसी पहल पशुपालकों की मेहनत और समर्पण को सम्मान देने के साथ ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि खेती के साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहन मिले, पशुपालकों को उनकी मेहनत का उचित सम्मान मिले तथा ग्रामीण अंचलों में समृद्धि और आत्मनिर्भरता के नए अवसर विकसित हों।
