मंडला, 2 नवम्बर 2026
आगामी ग्रीष्मकाल में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर श्री धोटे ने निर्देशित किया कि मार्च 2027 तक जिले के सभी गांवों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र की पेयजल संबंधी आवश्यकताओं का आकलन कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करें। विशेष रूप से पेयजल संकट से प्रभावित रेड जोन एवं येलो जोन की बस्तियों पर ध्यान देते हुए आगामी ग्रीष्मकाल के पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जिन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याएं हैं, वहां तत्काल निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।

उन्होंने जल संकट की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के कार्यों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वाटरशेड एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से जल संरक्षण की आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कराने तथा स्थानीय स्तर पर वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केवल तात्कालिक व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक जल संरक्षण के उपायों पर भी गंभीरता से कार्य करना होगा।

बैठक में समूह नल-जल योजना छीता खुदरी के कार्य में हो रहे विलंब पर कलेक्टर ने कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, हालोन परियोजना के अंतर्गत शामिल 61 गांवों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को संयुक्त रूप से बैठक आयोजित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि पेयजल योजनाओं का उद्देश्य केवल पाइपलाइन एवं अन्य अधोसंरचनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। इस दृष्टि से पूर्ण हो चुकी एकल नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। ऐसी योजनाओं को संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के संज्ञान में लाकर उनके नियमित संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्मित अधोसंरचनाओं का लाभ ग्रामीणों को निरंतर मिलता रहे।

पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी के लिए कलेक्टर ने प्रत्येक माह विकासखंड स्तरीय जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में योजनाओं की प्रगति, पेयजल आपूर्ति की स्थिति एवं मैदानी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की समीक्षा कर उनका समयबद्ध निराकरण किया जाए। अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी निरीक्षण करने और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए।

जल जीवन मिशन के कार्यों में जवाबदेही और नियमित निगरानी पर जोर
बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति, पेयजल आपूर्ति की स्थिति, पूर्ण हो चुकी योजनाओं के संचालन-संधारण तथा आगामी ग्रीष्मकाल की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी आवश्यक है।

जिले के प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करने के लिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें, ताकि आगामी ग्रीष्मकाल में ग्रामीणों को पेयजल संबंधी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, एसडीएम मण्डला श्री शैलेंद्र चौधरी, एसीईओ श्री विनोद मरावी, ईईपीएचई श्री मनोज भास्कर सहित संबंधित उपस्थित थे।

