मंडला, 2 नवम्बर 2026
जिला योजना भवन सभागार में अपर कलेक्टर श्रीमती सोनल सिडाम की अध्यक्षता में नरवाई/पराली प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के समस्त कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों एवं कस्टम हायरिंग केन्द्र संचालकों की बैठक ली गई।
बैठक में निर्देश दिए गए कि समस्त हार्वेस्टर में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए। एसएमएस सिस्टम धान की नरवाई को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट देता है, जिससे अगली फसल की तैयारी कल्टीवेटर, रोटावेटर या सुपर सीडर से आसानी से की जा सकती है, जिससे समय व लागत दोनों की बचत होती है। एसएमएस पर शासन द्वारा 59 हजार 700 रूपये तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसके लिए http://www.mpdage.org पर 5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।

संयुक्त संचालक कृषि, जबलपुर संभाग एवं कृषि यंत्री द्वारा सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रोटावेटर, हे-रेक, बेलर, स्ट्रा रीपर आदि यंत्रों की उपयोगिता बताई गई। किसानों से नरवाई में आग न लगाने की अपील की गई, इससे वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है। बायो गैस प्लांट कौरगांव के संचालक श्री दिनेश पोपतानी ने बताया कि कंपनी अमित बायोग्रीन सोल्यूशन्स द्वारा धान, गेहूँ, मक्का की नरवाई के बेल 1.50 से 2 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदे जा रहे हैं। अब पराली कचरा नहीं, आय का स्त्रोत है।

