मण्डला 16 जून 2021
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा बारिश के मद्देनजर किसानों के लिए एडवाईजरी जारी किया गया है। उन्होंने एडवाईजरी में किसानों से कहा कि किसान खरीफ मौसम की फसल बुवाई का समय नजदीक आ गया है। किसान अनुशंसा के अधार पर फसल के बीजों का चयन करें, जिसकी सलाह किसनों को कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा बतायी जाती है। यदि किसान के पास स्वयं का बीज है तो उसका अंकुरण परीक्षण कर लें। 75-80 प्रतिशत यदि बीज का अंकुरण है तभी बीज को खेत के बोनी करें। अगर किसान के पास पिछले वर्ष का हायब्रिड बीज है तो उसका उपयोग नहीं करें। उसकी जगह नयी हायब्रिड बीज खरीद कर बोनी करें। यदि आप बाहर कहीं और से बीज लाते हैं तो विश्वसनीय, विश्वासपात्र संस्था, संस्थान से बीज खरीदें, साथ ही पक्का बिल अवश्य लें एवं स्वयं उसका घर पर अंकुरण परीक्षण करें। किसान अपनी जोत के अनुसार कम से कम दो से तीन किस्मों का चयन कर बोनी करें, जिससे फसलों के नुकसान की संभावना कम रहती है।
उन्होंने कहा कि बीजोपचार हमेशा एफ.आई.आर. के क्रम में (फैजीसाईड, इंसेक्टीसाईड, राईजोबियम) करना चाहिये। इस हेतु जैविक फफूंदनाशक ट्राईकोडर्मा, बिरडी, 5 ग्राम, कि.ग्रा. बीज अथवा फफूंदनाशी थायरम कार्बाेक्सीन 3 ग्राम, कि.ग्रा. बीज या थायरम कार्बेन्डाजिम 2-3 ग्रा., कि.ग्रा. बीज के मान से उपचारित करें। बीज की बुवाई सीडड्रिल से कतार में करना चाहिये या नारी हल के द्वारा बुवाई करें। छिड़काव पद्धति से बुवाई नहीं करें, क्योंकि इसमें बीज दर अधिक लगता है, तथा कीड़े, बीमारी तथा बदरा अधिक जाता है। अतः किसान लाईन से कतार में बोनी कर अधिक उपज प्राप्त करें।
