मंडला 4 अगस्त 2025
नमामि नर्मदे महा आरती ट्रस्ट के तत्वाधान में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को माहिष्मती नर्मदेश्वर कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में मंडला सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जिला पंचायत सदस्य श्री शैलेष मिश्रा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा एवं सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांश कूमट शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने इस यात्रा में स्वयं कांवड़ सेवा की। साथ ही भगवान भोलेनाथ की पालकी भी उठाई।

कांवड़ यात्रा की शुरूआत माहिष्मती घाट में नर्मदापूजन के साथ की गई। माँ नर्मदा मंदिर के सामने पुलिस बैंड द्वारा माँ नर्मदा आरती की धुन के साथ यात्रा को गंतव्य के लिए आगे बढ़ाया गया। कांवड़ यात्रा माहिष्मती घाट से सर्किटहाउस चौक, नेहरूस्मारक, बैगा-बैगी चौक, रेडक्रॉस, बड़चौराहा, उदयचौक, बुधवारी बाजार से होते हुए किलाघाट में स्थित व्यासनारायण मंदिर परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में 151 कांवड़ यात्रियों ने माँ नर्मदा का पवित्र जल व्यासनारायण मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित किया। यात्रा में शामिल सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, कलेक्टर, एसपी तथा सीईओ जिला पंचायत ने व्यासनारायण मंदिर परिसर में हवन एवं आरती कर जिलेवासियों के कल्याण की कामना की। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में फलाहार का वितरण किया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री अरविंद सिंह, एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, तहसीलदार मंडला श्री हिमांशु भलावी, श्री पुष्पेन्द्र पंद्रे, तहसीलदार बम्हनी वृत श्री हीरालाल तिवारी सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, कर्मचारी तथा श्रद्धालुजन बड़ी तादात में मौजूद रहे।

जगह-जगह हुआ कांवड़ यात्रियों का स्वागत
नगर में अंतिम श्रावण सोमवार के अवसर पर आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल यात्रियों का नगर के विभिन्न चौक-चौराहों में आत्मीय स्वागत किया गया। नगर के धर्मप्रेमीजनों ने कांवड़यात्रियों का तिलक-वंदन तथा पुष्पवर्षा कर सम्मान किया। नगरपालिका परिषद की ओर से कांवड़ यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई। यात्रा मार्ग में स्थित श्रीराम मंदिर एवं श्री हनुमान मंदिर बुधवारी चौक में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर प्रसाद ग्रहण किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से कांवड़ यात्रियों को यात्रा के दौरान शीतल जल भी उपलब्ध कराया गया।

