मंडला, 11 नवंबर 2025
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बच्चों को लिंग संवेदनशीलता एवं कानून की जानकारी मॉन्टफोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंडला में सेमिनार आयोजित कर दी गई। बच्चों को लैंगिक उत्पीड़न से बचाव अधिनियम 2012 के विषय में सारंगर्भित शब्दों में जानकारी दी गई और बच्चों के प्रश्नों का भी समाधान किया गया। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे चाहे वह लड़का हो या लड़की, उन्हें कानून की भाषा में बालक कहा जाता है। यदि 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह होता है तो वह भी मान्य नहीं है। इस प्रकार की शादी में जो भी शामिल होते हैं उन सभी को सजा का प्रावधान है। इसी प्रकार यदि पॉक्सो एक्ट भी लागू हो जाए तो दोहरी सजा का प्रावधान होगा। लिंग संवेदनशीलता पर बच्चों की जिज्ञासा का समाधान किया गया।
परियोजना अधिकारी श्री अनूप नामदेव द्वारा कानून से जुड़े तथ्यों पर बातचीत की गई एवं लिंग संवेदनशीलता पर पर्यवेक्षक मधुलिका उपाध्याय द्वारा सेमिनार में जानकारी देने के साथ बच्चों के प्रश्नों को भी शामिल किया गया। अंत में सर्वाधिक रूप से भागीदारी करने वाली बालिका को भी पुरस्कृत किया गया और प्रश्नोत्तरी में सही जवाब देने वाले बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया।
