मण्डला – रमजान के मुकद्दस महीने में जहाँ हर तरफ इबादत और बरकतों का दौर जारी है, वहीं मंडला निवासी सैयद शुऐब अली की 6 वर्षीय सुपुत्री माइशा नूर ने अपना पहला रोजा रखकर एक मिसाल पेश की है। इतनी कम उम्र में माइशा के जज्बे और हौसले को देखकर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। माइशा के पिता सैयद शुऐब अली ने बताया कि माइशा घर के बड़ों को रोजा रखते और नमाज पढ़ते देख काफी प्रभावित है। इस साल उसने खुद रोजा रखने की जिद की। परिवार ने उसकी कम उम्र को देखते हुए पहले थोड़ा संकोच किया, लेकिन उसके अटूट इरादे के आगे सबने सहमति दे दी। सुबह सहरी के वक्त माइशा को जगाया गया और शाम को इफ्तार के समय उसके पसंद की इफ्तारी का एहतमाम किया गया। जब इफ्तार का वक्त हुआ, तो परिवार के सदस्यों ने माइशा को फूलों के हार पहनाए और दुआएं दीं। माइशा के पिता का कहना है कि “यह हमारे लिए बेहद गर्व का पल है। माइशा ने न सिर्फ रोजा रखा, बल्कि पूरे दिन धैर्य और अनुशासन का परिचय दिया।
