मंडला, 18 अप्रैल 2026
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडला श्री कमल जोशी के आदेशानुसार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा के मार्गदर्शन में एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर मंडला में ’बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006’ विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कमल जोशी, सचिव श्री तपन धारगा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्ता, पैरालीगल वालेंटियर्स, पैनल लॉयर्स, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्री कमल जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह भारत की एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसमें बच्चों की कम उम्र में शादी कर दी जाती है, जबकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से इसके लिए तैयार नहीं होते। इससे उनका बचपन, शिक्षा और भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का उद्देश्य न केवल बाल विवाह पर रोक लगाना है, बल्कि बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना भी है। उन्होंने सभी से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इस कुरीति को समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने विशेष रूप से आगामी ’अक्षय तृतीया’ के अवसर पर बाल विवाह की आशंका को देखते हुए लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्ता ने भी अधिनियम से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी तथा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के माध्यम से प्राप्त बाल विवाह के मामलों को रोकने के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में विधिक जागरूकता बढ़ाना एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।
