मंडला, 21 मई 2026
मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन. मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य आमजन को अधिक सरल, सुलभ और जनोन्मुखी प्रशासन उपलब्ध कराना है। नई तहसीलों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य प्रशासनिक इकाइयों के गठन में संबंधित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, आधारभूत सुविधाएं तथा आवागमन की परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

श्री मिश्रा गुरुवार को जिला योजना भवन, मंडला में आयोजित मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की परिचर्चा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन एवं युक्तियुक्तकरण से प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ेगी तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रशासनिक इकाई के पुनर्गठन से पहले जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से चर्चा कर उनकी राय ली जाए। साथ ही आपसी समन्वय स्थापित करते हुए राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव कलेक्टर को भेजे जाएं। प्राप्त प्रस्तावों पर विचार कर कलेक्टर अपने सुझाव एवं निर्णय आयोग को प्रेषित करेंगे।

अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि पुनर्गठन प्रक्रिया में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तहसीलों एवं जनपदों की सीमाओं का परिसीमन इस प्रकार किया जाएगा कि अधिकतम लोगों को प्रशासनिक सुविधा का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि नवीन प्रशासनिक इकाइयों के गठन हेतु आयोग द्वारा मार्गदर्शी सिद्धांत तैयार किए गए हैं, जिनमें जनसंख्या संतुलन, भौगोलिक दूरी, प्राकृतिक सीमाएं एवं औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र का भौगोलिक आधार पर पुनर्गठन प्रस्तावित किया जाता है, तो यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक होगा कि संबंधित गांव अथवा तहसील किस जिले के अधिक निकट है। सभी प्रस्तावों में भौगोलिक स्थिति, संसाधनों की उपलब्धता, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारकों के साथ प्रशासनिक दक्षता को भी महत्व दिया जाएगा।

आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुरूप आयोग की कार्यप्रणाली एवं पुनर्गठन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। वहीं आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला ने पोर्टल की प्रश्नावली, प्रशासनिक पदों की आवश्यकता, भौगोलिक कारक, प्राकृतिक सीमाएं, आवागमन, आधारभूत संरचना, आर्थिक गतिविधियां, संसाधनों की उपलब्धता, जनसंख्या घनत्व, सामाजिक संरचना एवं विधि व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी, अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शिवकुमार वर्मा, सहायक कलेक्टर श्री शैलेंद्र चौधरी, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ, एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, डिप्टी कलेक्टर श्री संस्कार बावरिया सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बैठक में जानकारी दी गई कि आयोग के पोर्टल के माध्यम से 15 जून तक प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों पर जिला कलेक्टर विचार कर अपनी अनुशंसा सहित आयोग को भेजेंगे।
