मंडला, 26 मई 2026
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जिलेभर में जल संरक्षण और नर्मदा संवर्धन को लेकर विविध आयोजन किए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत स्थानीय सर्किट हाउस से माहिष्मती घाट तक भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। हर-हर नर्मदे और जल है तो कल है के जयघोष के साथ निकली इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं और नर्मदा भक्तों की बड़ी भागीदारी रही। जैसे ही श्रद्धालुओं का समूह माहिष्मति घाट पहुंचा, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

सर्किट हाउस से घाट तक गूंजे जल संरक्षण के संदेश
शाम 5 बजे सर्किट हाउस से शुरू हुई चुनरी यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पीले और लाल परिधानों में सिर पर मां नर्मदा की चुनरी लेकर शामिल हुईं। यात्रा के दौरान मां नर्मदा का निर्मल जल, जीवन का आधार और बूंद-बूंद से घट भरता है जैसे जल संरक्षण के संदेश गूंजते रहे। यात्रा सर्किट हाउस से प्रारंभ होकर रेवांचल पार्क एवं कला दीर्घा मार्ग से होते हुए माहिष्मती घाट पहुंची।

जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर ने किया विधिवत पूजन
माहिष्मती घाट पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत श्री शास्वत सिंह मीना ने जनप्रतिनिधियों के साथ मां नर्मदा का विधिवत पूजन-अर्चन किया। सभी ने श्रद्धापूर्वक मां नर्मदा को चुनरी अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

पंच चौकी महाआरती में गूंजा रुद्राष्टक
पूजन उपरांत मां नर्मदा की भव्य पंच चौकी महाआरती आयोजित की गई। पुरोहितों द्वारा रुद्राष्टक का पाठ एवं नर्मदाष्टक का सस्वर गायन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने समवेत स्वर में मां नर्मदा की आरती कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। महाआरती के समापन पर मंत्रोच्चार के बीच मां नर्मदा का दुग्धाभिषेक एवं पुष्पांजलि अर्पित कर जिले की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की गई।

“नर्मदा हमारी संस्कृति है, संरक्षण हमारा दायित्व”
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री शैलेश मिश्रा, समाजसेवी श्री प्रफुल्ल मिश्रा, श्री जयदत्त झा, एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, एसीईओ जिला पंचायत श्री विनोद मरावी, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास श्री रोहित बड़कुल, सहायक परियोजना अधिकारी श्री कपिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि गंगा दशहरा हमें यह संदेश देता है कि नदियां केवल जल का स्त्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था की पहचान हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य मां नर्मदा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखना है। प्रत्येक नागरिक यह संकल्प ले कि नदी में कचरा नहीं डालेगा और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएगा।

