मंडला, 20 सितम्बर 2026
मंडला जिले के नारायणगंज विकासखंड के ग्राम बम्हनी निवासी कृषक श्री तीरथ उईके के लिए शासन की आत्मा योजना अंतर्गत आर.के.व्ही.वाई. फसल प्रदर्शन नई संभावनाओं का माध्यम बना। परंपरागत रूप से गेहूँ की खेती करने वाले श्री तीरथ उईके ने योजना के माध्यम से पहली बार चिया फसल की खेती की और इससे उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
वर्ष 2025-26 के रबी मौसम में उन्होंने 2 एकड़ भूमि में चिया की खेती की। कृषक के अनुसार लगभग 10 हजार रुपए की लागत से उन्हें करीब 1.50 लाख रुपए का मुनाफा प्राप्त हुआ। चिया की खेती से मिले इस लाभ ने उनका खेती के प्रति उत्साह और विश्वास बढ़ाया।

रबी मौसम में मिले अच्छे परिणाम के बाद श्री तीरथ उईके ने वर्ष 2026 के खरीफ मौसम में भी लगभग 4 एकड़ क्षेत्र में चिया की खेती की। अब वे पारंपरिक फसलों के साथ चिया जैसी लाभकारी फसलों को अपनाकर अपनी कृषि आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
श्री तीरथ उईके बताते हैं कि आत्मा योजना के माध्यम से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और फसल प्रदर्शन से उन्हें नई फसल अपनाने का अवसर मिला। उनका कहना है कि पहले जिस खेत में गेहूँ की खेती करते थे, उसी खेत में चिया की खेती से उन्हें अच्छा आर्थिक लाभ मिला है।
श्री तीरथ उईके ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिया जैसी लाभकारी फसलों की खेती के लिए मिलने वाली जानकारी और मार्गदर्शन से किसानों को खेती में नए प्रयोग करने का हौसला मिलता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी बाजार की मांग और तकनीकी सलाह के अनुसार लाभकारी फसलों को अपनाने की अपील की।
कृषकों को नवीन एवं लाभकारी फसलों के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आत्मा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। जिला कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के निर्देशन एवं उपसंचालक कृषि श्री अश्वनी झारिया के मार्गदर्शन में किसानों को चिया सहित अन्य औषधीय एवं लाभकारी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
श्री तीरथ उईके की कहानी बताती है कि शासन की योजनाओं से मिलने वाला तकनीकी मार्गदर्शन और फसल प्रदर्शन किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई फसलों को अपनाने तथा कृषि से बेहतर आय के अवसर तलाशने में मदद कर सकता है।
