मंडला, 1 अक्टूबर 2026
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मंडला में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक से पूर्व विद्यालय परिसर में निर्मित मंच का उद्घाटन कलेक्टर श्री धोटे ने विद्यार्थियों के हाथों करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों को अवसर देते हुए उनके माध्यम से मंच का उद्घाटन कराया, जिससे विद्यार्थियों में सहभागिता और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिला।

बैठक के प्रारंभ में केंद्रीय विद्यालय की ओर से विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न कार्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि विद्यालय में कुल 598 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। साथ ही, विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित शिक्षा प्रदान की जा रही है।
कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के महत्व को देखते हुए विद्यालय में एआई आधारित अध्ययन पर विशेष फोकस किया जाए। विद्यार्थियों को एआई की व्यावहारिक एवं उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही इस क्षेत्र में विशेषज्ञ फैकल्टी की व्यवस्था अथवा वर्तमान शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि विद्यार्थी बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी को और समृद्ध बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं भविष्य के अवसरों से संबंधित कैरियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन की पुस्तकें उपलब्ध रहें। विद्यार्थियों को समय-समय पर उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप कैरियर संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जाए।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को साहित्यिक गतिविधियों से जोड़ने एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमित रूप से ऐसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएं, जिनसे विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति एवं पढ़ने की आदत को प्रोत्साहन मिले।

बैठक में विद्यार्थियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों का समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराया जाए तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर भी सतत ध्यान दिया जाए।
उन्होंने विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों से संवाद को उपयोगी बताते हुए नियमित रूप से वार्ता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों को विद्यालय में आमंत्रित कर वर्तमान विद्यार्थियों से संवाद कराया जाए, ताकि वे अपने अनुभव, अध्ययन, कैरियर एवं कार्यक्षेत्र से जुड़ी जानकारी साझा कर सकें। इससे वर्तमान विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए बेहतर दिशा एवं प्रेरणा मिल सकेगी। बैठक में विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, तकनीकी शिक्षा, कैरियर मार्गदर्शन, स्वास्थ्य एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

