मंडला, 23 अक्टूबर 2026
संचालनालय, महिला एवं बाल विकास, मध्यप्रदेश द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिले में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार 21 अक्टूबर से 100 दिवसीय जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम, जनजागरूकता का विस्तार तथा संबंधित विभागों एवं संस्थाओं की समन्वित सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
27 नवंबर को ग्राम पंचायतों में होंगे विशेष आयोजन
बाल विवाह, कम आयु में विवाह एवं बलपूर्वक विवाह के उन्मूलन के लिए 27 नवंबर 2026 को निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं, सामूहिक शपथ ग्रहण एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
निर्देशानुसार शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, रैली, प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त जनसंवाद, नुक्कड़ नाटक, सेल्फी पॉइंट, दीवार लेखन तथा बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार-प्रसार गतिविधियों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाएगा। अभियान में धार्मिक संगठनों, धर्मगुरुओं एवं अशासकीय संस्थाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।
अंतरविभागीय समन्वय से होगा अभियान का क्रियान्वयन
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पुलिस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, जनजातीय कार्य, संस्कृति, खेल एवं युवा कल्याण, जनसंपर्क तथा विधिक सेवा प्राधिकरण सहित संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर निर्धारित गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मैदानी स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं स्व-सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
नागरिकों को बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल https://stopchildmarriage.wcd.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन शपथ लेने तथा अभियान संबंधी गतिविधियों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बाल विवाह के संभावित प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
अभियान के अंतर्गत बाल विवाह के संभावित प्रकरणों की पहचान, सूचना संकलन एवं समयबद्ध रोकथाम की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर प्रचलित विधिक प्रावधानों के अनुसार तत्काल आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिला स्तर पर अभियान की नियमित समीक्षा एवं निगरानी कर निर्धारित प्रतिवेदन संचालनालय को प्रेषित किया जाएगा।
