मंडला, 25 अक्टूबर 2026
नैनपुर विकासखंड के ग्राम पिण्डरई की श्रीमती महेश्वरी उइके ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल दी। कभी घर से बाहर निकलने में भी कठिनाइयों का सामना करने वाली महेश्वरी आज चाय और किराना दुकान चलाकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
महेश्वरी बी.ए. शिक्षित हैं। वे महेश्वरी महिला आजीविका स्व-सहायता समूह और नारी शक्ति महिला आजीविका ग्राम संगठन की सचिव हैं। वर्ष 2022 में आजीविका मिशन की टीम के प्रयासों से वे समूह से जुड़ीं। शुरुआत में परिवार ने उन्हें समूह में शामिल होने की अनुमति नहीं दी, लेकिन समूह की दीदियों के लगातार समझाने पर परिवार राजी हो गया।
ऋण लेकर शुरू किया व्यवसाय
समूह से जुड़ने के बाद महेश्वरी ने चाय की दुकान शुरू करने के लिए 20 हजार का ऋण लिया। इसे चुकाने के बाद किराना दुकान शुरू करने के लिए 50 हजार का ऋण लिया। आज वे अपने पति के साथ मिलकर दोनों दुकानें चला रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।
पहले उनके परिवार की मासिक आय करीब 6 हजार थी, जो अब बढ़कर 15 हजार हो गई है। बढ़ी हुई आय से वे अपने बच्चों को शहर में पढ़ा रही हैं और उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रही हैं।
आर्थिक मजबूती के साथ मिला सम्मान
समूह से जुड़ने के बाद महेश्वरी ने समूह संचालन, नेतृत्व और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण भी लिया। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुईं। आज गांव के लोग उनसे सलाह लेते हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल करते हैं। वे ग्राम पंचायत में वार्ड पंच भी चुनी गई हैं।
महेश्वरी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं रोजगार शुरू कर सकती हैं, परिवार की आय बढ़ा सकती हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
