मण्डला 3 अक्टूबर 2020
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि लक्ष्य समूह के प्रत्येक बच्चे का सतत फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य के लिए पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के आशा एवं एएनएम से समुचित सहयोग प्राप्त करें। कलेक्ट्रेट के गोलमेज सभाकक्ष में संपन्न हुई इस बैठक में सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह, सिविल सर्जन विजय मिश्रा तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्वेता तड़वे आदि उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी जाने वाले प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य का सतत फॉलोअप किया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कम वजन के बच्चों को रोटेशन बनाकर कुपोषण केन्द्र में भर्ती कराया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि एनआरसी में एक भी सीट रिक्त न रहें। इस संबंध में उन्हांेने दैनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सेम फ्री मंडला अभियान के माध्यम से बच्चों के वजन में आए परिवर्तन का तुलनात्मक विश्लेषण कर योजना तैयार की जाए। जिन बच्चों के वजन में सुधार नहीं आया है उन्हें अनिवार्य रूप से एनआरसी भेजा जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आशा एवं एएनएम के माध्यम से कम वजन के बच्चों की जानकारी अपडेट कराई जाए। इन बच्चों की सूची आशा एवं एएनएम को उपलब्ध कराते हुए इन बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा समय-समय पर उनका फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने पोषण माह के अंतर्गत संचालित गतिविधियांे की भी समीक्षा की। उन्होंने बैगाओं बाहुल्य ग्रामों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि बैगा बाहुल्य क्षेत्रों में किशोरी बालिकाओं तथा महिलाओं का सतत स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। कलेक्टर ने महिलाओं से संबंधित विषयों के लिए जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पंचायत स्तर पर महिला पंचायत/चौपाल आयोजित किए जाएं। नवीन पंचायत भवनों पर पुस्तकालय विकसित किए जाएं। शाला त्यागी बालिकाओं के लिए भी योजना तैयार की जाए। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर विविध समूह तैयार कर किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को रोजगार अथवा अन्य कारणों से बाहर जाने से रोकने का प्रयास किया जाए। इस संबंध में उन्होंने जनजागरूकता अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की साफ-सफाई कर उसे आदर्श रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों द्वारा लगातार क्षेत्रों में भ्रमण कर केन्द्रों की मॉनिटरिंग की जाए। कलेक्टर ने प्रोजेक्ट आकांक्षा, वन स्टॉफ सेंटर, मातृवंदना, जननी सुरक्षा, लाड़ली लक्ष्मी योजना तथा निरक्षरता से आजादी कार्यक्रम की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका विकसित करने तथा अक्टूबर से दिसंबर तक के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
