मण्डला 3 अक्टूबर 2020
गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों को परिणाममूलक बनाया जाना आवश्यक है। जिले के शैक्षणिक विकास के लिए सर्वशिक्षा अभियान, जिला शिक्षा अधिकारी एवं आदिम जाति कल्याण विभाग सम्मिलित रूप से कार्य करें। इन विभागों के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर योजनाओं को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। यह निर्देश कलेक्टर हर्षिका सिंह ने शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विजय तेकाम, सहायक संचालक शिक्षा एलएस मरकाम तथा जिला परियोजना समन्वयक हीरेन्द्र वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि सीएम राईज के तहत् राज्य स्तर से चिन्हित शालाओं में उपलब्ध संसाधनों का जिला एवं विकासखंड स्तर से भौतिक सत्यापन कराया जाए। सत्यापन कार्य के लिए गठित समिति में संबंधित विभागों के कर्मचारियों को सम्मिलित किया जाए। जांच रिपोर्ट एवं फोटोग्राफ्स को सम्मिलित करते हुए प्रत्येक शाला की पृथक-पृथक प्रोफाईल तैयार की जाए। राज्य स्तर से चिन्हित शालाआंे के अतिरिक्त भी स्कूलों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। सत्यापन रिपोर्ट आने के उपरांत ही शालाओं का अंतिम रूप से चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम राईज के तहत् चयनित शालाओं की सूची जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शिक्षक विहीन शालाओं की सूची प्रस्तुत की जाए। साथ ही कक्षा दसवी एवं बारहवी के खराब परिणाम वाले स्कूलों का चिन्हांकन कर निर्देशानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने डाईट के माध्यम से शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, मध्यान्ह भोजन आदि के संबंध में भी समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
स्कूलों को आकर्षक बनाएं
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि सभी स्कूलों में रंगाई-पुताई आदि का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। सभी स्कूलों को जंगल थीम अथवा जनजाति संस्कृति पर आधारित पैंटिंग के माध्यम से आकर्षक बनाते हुए शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल में पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शालाओं में उपलब्ध सुविधाओं की चैकलिस्ट तैयार कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
मॉडल स्कूल के कार्यों में गति लाएं
मॉडल स्कूल में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि इन स्कूलों में शेष कार्य जल्द पूर्ण किया जाए तथा अन्य स्कूलों को भी इन्हीं मॉडल स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि स्कूलों में हेण्डवॉस यूनिट लगाई जाए या हाथ धोने के लिए समुचित व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों में हाथ धोने की आदत विकसित की जाए जो कोविड-19 से बचाव की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। स्कूलों में स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित साबुनों का उपयोग किया जाए। उन्होंने स्कूलांे की साफ-सफाई तथा बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए।
समुदाय की भागीदारी से विकसित करें पोषण वाटिकाएं
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि प्रत्येक शालाओं में स्थानीय लोगों के सहयोग से पोषण वाटिकाएं विकसित की जाए। जिन शालाओं में बांउड्रीवॉल नहीं है वहां पर लेंटाना आदि स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए बाउंड्री तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी पानी की सुविधा नहीं है अथवा हैंडपंप खराब है पीएचई के माध्यम से समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
