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उत्पादन से लेकर विक्रय तक की जिला आधारित योजना बनाएं- हर्षिका सिंह रेशम केन्द्र बबैहा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दिये निर्देश

मण्डला, 25 मार्च 2021

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने रेशम केन्द्र बबैहा का निरीक्षण करते हुये निर्देशित किया कि जिले में रेशम के कार्यों को बढ़ावा देने के लिये पौधे लगाने से लेकर वस्त्र बुनाई एवं वस्त्रों में गौंड़ी पेंटिंग तक के कार्य के लिये विस्तृत योजना कर क्रियान्वित करें। रेशम के उत्पादन के लिये स्थानीय कृषकों को प्रेरित करें। उत्पादन से लेकर विक्रय तक के लिए जिला पर आधारित योजना बनाएं। निरीक्षण के दौरान जिला रेशम अधिकारी डॉ. चित्रेन्द्र द्विवेदी, सहायक प्रबंधक (म.प्र. सिल्क फेडरेशन) आरसी चौधरी एवं हाथकरघा विभाग के प्रभारी ग्रामोदय अधिकारी शिवकुमार डेकाटे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया जिले में बनाई जा रही रेशम के वस्त्रों की महानगरों में खासी मांग है, अतः उत्पादन को बढ़ाने के लिये प्रत्येक पहलुओं पर कार्य करना आवश्यक है। रेशम उत्पादन के लिये कृषकों को प्रेरित करें, तो वहीं स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर बुनकरों की संख्या बढ़ायें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि उत्पादन को बढ़ाने के लिए बुनकरों एवं पेंटिंग कलाकारों हेतु अतिरिक्त इकाई लगाई जाएं। उन्होंने कहा कि रेशम वस्त्रों में गौंड़ी पेंटिंग के कार्य प्रमुखता से की जाएं। वस्त्रों में गौंड़ी पेंटिंग के लिए भी लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्मित वस्त्रों को उपयुक्त स्थानों पर प्रदर्शन कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि मृगनयनी, ट्रायफेड, अमेजन, फिलिपकार्ड आदि के माध्यम से भी वस्त्रों की बिक्री सुनिश्चित की जाए।

 

कुपोषित बच्चे से मिलने पहुंची कलेक्टर

 

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने आंगनवाड़ी केन्द्र गाजीपुर पहुंचकर कुपोषित बच्चे के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कुपोषित बच्चे को दिए जा रहे पोषण आहार तथा दवाईयों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बतलाया कि 2 वर्षीय कन्हैया मरावी पूर्व में अति कुपोषित (सेम) की श्रेणी में था जिसे रोस्टर के आधार पर एनआरसी में भी भर्ती कराया गया। उसे नियमित रूप से समक्ष में पोषण आहार दिया जा रहा है जिससे अब वह बच्चा सेम की श्रेणी से निकलकर कुपोषण (मेम) की श्रेणी में आ गया है। इस बच्चे को जल्द ही कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने अपने समक्ष इस बच्चे का वजन और ऊँचाई का नाप कराते हुए अभिलेखों में दर्ज जानकारियों से मिलान किया। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केद्रों में जेड स्कोर चार्ट लगाया जाए। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी में शतप्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती तथा धात्री महिलाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की कार्यवाही पूरी गंभीरता से की जाए। बच्चों को मीनू के अनुसार पोषण आहार समय पर प्रदान करें। उन्होंने खेल सामग्री आलमारियों में न रखी रहें। खेल सामग्री बच्चों को खेलने के लिए दी जाए।

 

कलेक्टर ने किया जल छानन संयंत्र का निरीक्षण

जल छानन संयंत्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित  किया कि प्रदाय किए जा रहे पानी की शुद्धता व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर आदि दवाओं का उपयोग किया जाए। प्रदाय किए जा रहे जल की समय-समय पर जांच कराएं। उन्होंने जल छानन संयंत्र में सोलर यूनिट लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नगरपालिका कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रदीप झारिया सहित संबंधित उपस्थित रहे।

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