मंडला नैनपुर – ऐसा कहा जाता है कि किसी विशेष काम कार्य को करने के लिए आपको एक विषय का अध्ययन करना पड़ता है। तब जाकर आप उस काम पर महारत हासिल करते हैं । मगर बहुल आदिवासी मंडला जिले पर कुछ भी संभव है। पिछले 3 दिनों से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं । मंडला जिले पर स्वास्थ्य सेवा का क्या हाल है यह किसी से नहीं छिपा शायद यही कारण है की नैनपुर बीएमओ डॉ सुरेंद्र वड़खड़े ने विभाग के ड्राइवर नंदू कछवाहा को ड्राइवर के अलावा एक नया प्रभार और दे दिया है ।अब यह गाड़ी चलाने के अलावा करोना के सैंपल भी इकट्ठे कर रहे हैं । दरअसल यह काम टेक्नीशियन का होता है । उसके लिए आपको पैथोलॉजी की पढ़ाई भी करनी पड़ती है। मगर बाहुल्य आदिवासी मंडला जिले में सब संभव है पिछले 2 दिनों से पेशे से ड्राइवर नंदू कछवाहा टाटरी और
डिथोरी के बंजर टोला पर कोरोना सैंपल लेने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। क्या मंडला जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था के इतने बुरे हाल हैं की वैश्विक महामारी के सैंपल लेने के लिए कोई भी जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी नहीं बचा जो इस काम को अकुशल व्यक्ति से कराया जा रहा है।
