मण्डला 1 जून 2021
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि जिले के ऐसे किसान जो धान की सीधी बुवाई करते हैं। उन्हें उन किस्मों का चयन करना चाहिए जिनमें लाल रंग न आता हो जिसकी कुछ किस्मों, जे.आर 81, जे.सा2767, आई.आर.64, पूसा 1460, एम.टी.यू 1010, एम.टी.यू 1001 आदि हैं। धान की खेती करने वाले किसानों को अधिक उत्पादन के लिए रोपा विधि से धान की बुवाई करनी चाहिए। इसके अलावा श्रीविधि से भी धान की बुवाई कर सकते हैं इस विधि में 4 से 5 किलो बीज एक एकड़ के लिए पर्याप्त होता है इस विधि में धान की नर्सरी तैयार कर सामान्य विधि में 21 दिन के मुकाबले 12 दिनों में ही पौध को रोपा जाता है। पौधे की दूरी 22 सेमी. और कतार से कतार की दूरी 25 सेमी. होती है जिससे की धान की जड़ों का विकास अधिक होता है। इस विधि में खेत में नमी की जरूरत होती है जलभराव करना जरूरी नहीं होता। इस विधि में सामान्य बुवाई विधि की तुलना में अधिक उत्पादन होता है।
