मंडला जहाँ भी गाय बैल का एक्सीडेंट होता है या वह बीमार हो जाती है तो लोग गौ सेवा करने वाले संगठन के लोगो को फोन करके वहाँ से चले जाते है चाहे वह पशु तड़फता रहे या उसकी मृत्यु हो जाये अगर उसकी आपको चिंता है तो आपका भी यह फर्ज है कि आप भी उसकी सेवा करे या उसके इलाज में सहयोग करे फोन तो ऐसे लगाते है जैसे हम लोग नौकरी में हो और हमारा बस यही काम हो ठीक यही घटना कल महाराजपुर नाका के पास हुआ।
दोपहर में 1 बैल का किसी वाहन से एक्सीडेंट हुआ और उसका पैर टूट गया महिष्मती गौ सेवा संगठन के जिलाध्यक्ष हरिशंकर नामदेव जी के पास करीब 5-6 लोगो का कॉल आया परन्तु कल में बाहर होने के कारण तुरन्त नही पहुँच पाया और वह बैल रात तक वही तड़फता रहा जब हरिशंकर नामदेव रात में 8 बजे वहाँ पहुँचे तो देखा कि बैल वही था और फोन करने वालो का कुछ पता नही जब उनको फोन लगाया गया कि में आ गया हूं तुम लोग आ जाओ बैल का इलाज करना है तो उनका पता ही नही चला|
बैल की खबर समाजसेवी रेणु कछवाहा जी को लगी तो वो भी रात में वहाँ पहुँचे ओर इलाज में सराहनीय योगदान रहा उनका।
रात में 9 बजे करीब उस बैल का इलाज डॉ जायसवाल जी को बुलाकर कराया गया।
अगर आप सेवा नही कर सकते है तो संगठन के लोगो को बुरा मत कहो हर समय संगठन के लोग फ्री नही रहते है।उनके भी बहुत से काम है। और अगर आवाज उठाना है तो प्रशासन और पशु मालिक के ऊपर आवाज उठाओ
