कोरोना दिशा-निर्देश अब 31 अगस्त तक प्रभावशील रहेंगे
जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश
मण्डला 20 अगस्त 2021
जिला मजिस्ट्रेट हर्षिका सिंह ने गृह विभाग मंत्रालय भोपाल के निर्देशों के परिपालन में एवं जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार जिले में कोविड-19 संक्रमण की दर में कमी को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना के प्रतिबंधों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने पूर्व में जारी आदेश क्रमांक/230/रीडर/2021, दिनांक 15.07.2021 जो 20 अगस्त तक के लिए प्रभावशील है, को यथावत रखते हुए 31 अगस्त तक के लिए बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
जिले में अब तक 671.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में इस वर्ष एक जून से 20 अगस्त के दौरान 671.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 848.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 177.8 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अगस्त को मंडला में 5.4, नैनपुर में 4.4, बिछिया में 25, निवास में 21.2, घुघरी में 10.7 मिमी., नारायणगंज में 0.1 मिमी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार 20 अगस्त को जिले में 11.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
बलराम तालाब योजना का लाभ लेने की अपील
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने किसानों से किसान कृषि के समग्र विकास के लिए सतही एवं भूमिगत जल की उपलब्धता को समृद्ध करने की आवश्यकता की पूर्ति हेतु बलराम तालाब योजना का लाभ लेने की अपील की है। उन्होने बताया कि बलराम तालाब निर्माण हेतु कृषक द्वारा ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से आनॅलाइन आवेदन किया जायेगा। बलराम तालाब निर्माण के लिए वे कृषक ही पात्र होंगे जिनके पास वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं उसके पश्चात प्रदेश में विभाग द्वारा संचालित किसी भी योजना के माध्यम से ड्रिप या स्प्रिंकलर सेट की स्थापना की गई हो और वर्तमान में वह चालू स्थिति में हो, संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास म.प्र. भोपाल के विडियो कॉन्फेसिंग 10 अगस्त में दिये गये निर्देशानुसार अब वे किसान भी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे। जिन्होने उक्त अवधि में विभागीय योजना से विद्युत, डीजल पंप एवं पाइप लाइन लिए हो। कृषक द्वारा प्रस्तावित बलराम तालाब की भूमि स्वयं कृषक के स्वामित्व की भूमि अथवा पट्टे से प्राप्त भूमि होनी चाहिए पट्टे की भूमि जिस पर कृषक काबिज नहीं अथवा अतिक्रमित भूमि पर निर्माण कार्य स्वीकृत नही किये जायेंगे। प्रस्तावित स्थल पर. किसी भी विभाग की किसी भी योजना के अंतर्गत पूर्व में कोई जलग्रहण संरचना निर्मित नहीं होनी चाहिए। योजनांतर्गत लघु सीमांत, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हेतु मूल्यांकन अनुसार वास्तवित व्यय का 75 प्रतिशत अधिकतम रूपये 100000, लघु एवं सीमांत सामान्य वर्ग के लिए वास्तविक व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम रूपये 80000 तथा शेष वर्गों के लिए मूल्यांकन अनुसार वास्तविक व्यय का 40 प्रतिशत किंतु अधिकतम रूपये 80000 रूपये अनुदान देय होगा। योजना के अंतर्गत निर्मित जलसंग्रहण संरचनाओं से कृषक वर्षा के लम्बे अंतराल की स्थिति में खरीफ मौसम के दौरान फसलों को जीवन रक्षक सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा सकेंगे। वर्षा के उपरांत रबी मौसम में बोनी के पूर्व पलेवा हेतु लगभग तीन हेक्टेयर क्षेत्र लिए पानी उपलब्ध होगा। जिससे कृषक रबी मौसम में भी सुनिश्चित फसल ले सकें। इस प्रकार कृषकों को 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा, जिससे कृषक इस कार्य हेतु लिये गये ऋण की अदायगी भी आसानी से कर सकेंगे।
सुकन्या समृद्धि खाता खोलने विशेष अभियान
डाक विभाग द्वारा जिले की बालिकाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशन में मंडला डाक संभाग द्वारा बालिका शक्ति अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत् 10 वर्ष तक की समस्त बालिकाओं के डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खोलकर जिले को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि जिला बनाने का संकल्प लिया गया है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे 0 से 10 वर्ष तक की बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि योजना के तहत् खाते खोलकर बालिका को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में सहयोग करें।
अधीक्षक डाकघर ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत् 0 से 10 वर्ष तक की समस्त बालिकाओं का खाता न्यूनतम 250 रूपए की राशि से खोला जा सकता है। खाता खोलने पर 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर परिपक्वयता व बालिका की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद 50 प्रतिशत राशि निकाली जा सकती है। योजना के तहत् वर्तमान में 7.6 प्रतिशत का आकर्षक ब्याज प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत् खुलने वाले खातों को आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत् छूट प्रदान की जाती है। खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का फोटो पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ तथा बच्चे और माता-पिता की 2 फोटो आवश्यक है।
जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबधंन कंट्रोल रूम स्थापित
जिला आपदा प्रबंधन के अंतर्गत मानसून सत्र 2021 में वर्षाकाल के दौरान बाढ़, अतिवृष्टि की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिला स्तर पर कार्यालय कलेक्टर मण्डला के अधीक्षक कक्ष में जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबधंन कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख राकेश खम्परिया को कंट्रोल रूम का प्रभारी अधिकारी एवं देवेन्द्र सिंगौर, राजस्व निरीक्षक भू-अभिलेख को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधीक्षक कक्ष, कार्या, कलेक्टर में जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित है। कंट्रोल रूम का दूरभाष क्रमांक 07642-251079 है।
स्थापित आपदा प्रबधंन कंट्रोल रूम सम्पूर्ण वर्षाकाल में 24 घंटे कार्यरत रहेगा जिसमें सहायक कर्मचारियों की ड्यूटी पृथक से लगाई गई है। वर्षाकाल में आपदा प्रबंधन एवं अतिवृष्टि, बाढ़ इत्यादि से संबंधित जानकारियाँ, सूचनाएँ आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में प्राप्त की जायेगी। कंट्रोल रूम में आने वाली समस्त जानकारियों से प्रभारी अधिकारी पूर्णतः अवगत रहेंगे तथा बाढ़, वर्षा एवं क्षति से संबंधित प्रतिदिन अद्यतन जानकारी रखेगें तथा रजिस्टर संधारित करेंगे तथा यथास्थिति जानकारी उच्चाधिकारियों एवं राहत आयुक्त कार्यालय को भेजने हेतु जिम्मेदार होगें।
