कोविड पर करें निर्णायक प्रहार
वैक्सीन नहीं लगवाने वाले दूसरों के लिये खतरा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संकट प्रबंधन समिति से आव्हान
संकट प्रबंधन समिति के सदस्यों को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में कोविड का बढ़ता संक्रमण चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि 17 सितम्बर को वैक्सीनेशन के महाअभियान के दौरान प्रत्येक पात्र व्यक्ति का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। श्री चौहान ने कहा कि टीका नहीं लगवाने वाले व्यक्ति सम्पर्क में आने वाले अपने परिवारजनों के साथ-साथ अन्य लोगों के लिये भी खतरा बन सकते हैं। मॉस्क का उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तथा वैक्सीनेशन के माध्यम से कोविड पर निर्णायक प्रहार करना आवश्यक है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से सम्पन्न हुई बैठक में एनआईसी से कलेक्टर हर्षिका सिंह, सीईओ जिला पंचायत सुनील कुमार दुबे, अपर कलेक्टर मीना मसराम, सीएमएचओ डॉ श्रीनाथ सिंह, नगर पालिका उपाध्यक्ष गिरीश चंदानी सहित संबंधित उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री सिंह ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता हम सबने ने देखी है। अतः पूरी गंभीरता से प्लानिंग करते हुये प्रत्येक पात्र व्यक्ति का वैक्सीनेशन करायें। तीसरी लहर का खतरा टला नहीं है, जबलपुर सहित अन्य जिलों में बढ़ रहे प्रकरण चिंता का विषय है। उन्होंने क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र को कोरोना मुक्त बनाने के लिये अपने क्षेत्र में शासन की गाइडलाईन का पालन करायें तथा वैक्सीनेशन से छूटे सभी लोगों का टीकाकरण करायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 सितम्बर तक शत प्रतिशत लोगों को अनिवार्य रूप से पहली डोज लग जानी चाहिये। जिनको पहली डोज लग चुकी है पात्रतानुसार उनको दूसरी डोज भी लगवायें। शेष बचे लोगों को चिन्हित कर उनके घर में वैक्सीनेशन के लिये पीले चांवल से आमंत्रण भेजें। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयं सेवी संगठन, राजनैतिक दलों के कार्यकर्त्ता, स्व-सहायता समूह के सदस्य, धर्म गुरू आदि के सहयोग से वैक्सीनेशन के लिये माहौल तैयार करें। प्रत्येक 50 घर में सम्पर्क के लिये एक टोली बनायें। प्रचार के लिये नवाचार करें। मुख्यमंत्री वैक्सीनेशन सेंटर में सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये।
श्री चौहान ने डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के संबंध में भी आवश्यक दिये। उन्होंने कहा कि डेंगू लापरवाही से फैलता है, अतः कहीं भी पानी जमा नहीं होने दें। फीवर क्लिनिक का संचालन करें। जिला चिकित्सालयों में डेंगू की जांच की व्यवस्था करें तथा 10 बिस्तर का विशेष वार्ड बनायें। अपने सम्बोधन में उन्होंने 15 सितम्बर को प्रातः 10 बजे से 10.30 बजे तक ’डेंगू से जंग जनता के संग’ अभियान के संबंध में भी जानकारी देते हुये लोगों से सफाई पर विशेष ध्यान देने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत चिन्हित अस्पतालों में डेंगू का भी निःशुल्क उपचार किया जाये।
सप्ताह के अंत तक कराएं प्रथम डोज का शतप्रतिशत वैक्सीनेशन – हर्षिका सिंह
कोविड टीकाकरण के संबंध में हुई विस्तृत बैठक
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कोविड टीकाकरण के संबंध में सभी जिलाधिकारी, नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य अमला तथा संबंधित अधिकारियों की विस्तृत बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि जिले में आगामी 4 दिनों में वैक्सीनेशन का कार्य मिशन मोड पर संचालित करें। आगामी 4 दिनों में जिले को प्रथम डोज के अंतर्गत शतप्रतिशत वैक्सीनेशन कराएं। श्रीमती सिंह ने निर्देशित किया कि 17 सितम्बर को कोविड वैक्सीनेशन महाभियान के अंतर्गत विशेष अभियान चलाया जाएगा। 17 सितम्बर के विशेष टीकाकरण अभियान के तहत् जिले को लगभग 40 हजार टीकाकरण लक्ष्य प्रस्तावित होने की संभावना है। सभी नोडल अधिकारी उक्त लक्ष्य के अनुसार अपने क्षेत्र की टीम के साथ समन्वय करेंगे तथा प्रभावी रणनीति बनाते हुए विशेष टीकाकरण अभियान के कार्य को सफल करेंगे। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाता सूची के अनुसार मिलान करते हुए शेष बचे लोगों का वैक्सीनेशन जरूर कराएं।
श्रीमती सिंह ने नैनपुर, मवई, बिछिया एवं घुघरी के नोडल अधिकारियों सहित संबंधित टीम को निर्देशित किया कि विशेष रणनीति बनाते हुए इन क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने विकासखण्डवार लक्ष्य आवंटित करते हुए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से कोविशील्ड के साथ-साथ कोवैक्सीन के प्रथम डोज भी लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मोहगांव क्षेत्र के नोडल अधिकारियों एवं संबंधितों को निर्देशित किया कि विशेष सक्रियता के साथ कार्य करते हुए लक्ष्य की प्राप्ति करें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि ऐसे ग्राम पंचायतों तथा ग्रामों को चिन्हित करें जिनमें 75 प्रतिशत से कम वैक्सीनेशन हुआ है। इसी प्रकार वैक्सीनेशन के लिए शेष रहे 100, 200 तथा 300 लोगों वाली पंचायतों को चिन्हित करें तथा इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ शतप्रतिशत वैक्सीनेट करें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मोबाईल टीम के माध्यम से भी घर-घर जाकर वैक्सीनेशन कार्य सुनिश्चित करें।
14 को दूरस्थ पंचायतों में लगाएँ सत्र
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि 14 सितम्बर को जिले की दूरस्थ पंचायतों में वैक्सीनेशन के सत्र आयोजित करें। उन्होंने कहा कि वनग्रामों, बैगा पंचायतों को भी शतप्रतिशत वैक्सीनेट करें। सभी संबंधित अधिकारी आगामी 2 दिनों में शेष बचे वनग्राम, बैगा पंचायत तथा दूरस्थ पंचायतों को शतप्रतिशत वैक्सीनेट करें। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के बीएमओ एवं सीएमओ जनपद को वैक्सीनेशन सत्र प्लानिंग करते हुए मुनादी तथा जनजागरूकता के माध्यम से टीकाकरण की सूचना प्रसारित करने के निर्देश दिए।
श्रीमती सिंह ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि जिले की सभी एएनएम आगामी एक सप्ताह तक नियमित रूप से अपने कर्तव्य पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे क्लस्टर जिनमें 100 से ज्यादा लोगों के वैक्सीनेशन किया जाना शेष है, उनमें कम से कम 2 वैक्सीनेटर की ड्यूटी लगाएँ। साथ ही घर-घर टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए मोबाईल टीम भी तैयार रखें। कलेक्टर ने भीमडोंगरी टीम द्वारा कोविड वैक्सीनेशन कार्य में लापरवाही के चलते उन्हें हटाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पाठासिहोरा की टीम को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही।
शतप्रतिशत वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट देंगे अधिकारी
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आगामी 4 दिनों में जिले में मिशन मोड पर कोविड वैक्सीनेशन का कार्य जारी रखें। उन्होंने नोडल अधिकारियों एवं संबंधितों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में शतप्रतिशत वैक्सीनेशन कार्य पूर्ण करें तथा इस आशय का सर्टिफिकेट सप्ताह के अंत तक देना सुनिश्चित करें। श्रीमती सिंह ने कहा कि जिले में एक सप्ताह तक वैक्सीनेशन का कार्य निर्वाचन मोड पर सुनिश्चित करें। इसी प्रकार सभी जीएसओ अपने क्षेत्र की पीडीएस दुकानवार वैक्सीनेट हुए हितग्राहियों की जानकारी संधारित करेंगे तथा कोविड वैक्सीनेशन के लिए शेष बचे लोगों का वैक्सीनेशन कराएंगे एवं इस आशय का सर्टिफिकेट देंगे। उन्होंने कहा कि एनआरएलएम की दीदियों का भी शतप्रतिशत वैक्सीनेशन कराएं। आवश्यकता होने पर विशेष कैम्प लगाते हुए टीकाकरण कराएं। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे टीकाकरण के विशेष अभियान में सहयोग करें एवं स्वयं, परिवार के पात्र सदस्य तथा अपने आसपास के लोगों को भी कोविड वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें।
सभी ब्लॉक में कंट्रोल रूम बनाएँ
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आगामी वैक्सीनेशन कार्यक्रम की गंभीरता को सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाएं। सभी एसडीएम तथा सीईओ जनपद समन्वय करते हुए कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगाएं। संबंधित क्षेत्रों में स्टॉफ की उपस्थिति, मोबाईल टीम की उपलब्धता तथा प्रतिदिन किए जाने वाले वैक्सीनेशन कार्य, डोज की उपलब्धता सहित शेष वैक्सीनेशन कार्य की विस्तृत जानकारी कंट्रोल रूम में संधारित करें। उन्होंने एसी ट्राईबल को निर्देशित किया कि आवश्यकता पड़ने पर दूरस्थ पंचायतों में वैक्सीनेशन करने वाली टीम के लिए रूकने, खाने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
वैक्सीनेशन की डाटा एंट्री सतत करें
श्रीमती सिंह ने निर्देशित किया कि टीकाकरण कार्य के साथ-साथ टीकाकरण की डाटा एंट्री अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि डाटा एंट्री का कार्य सतत रूप से सुनिश्चित करते रहें। इसी प्रकार वेरीफायर को सख्त निर्देश दें कि हितग्राहियों की जानकारी एवं अन्य एंट्री गंभीरता से करें। कलेक्टर ने कहा कि सीईओ जनपद ऑफलाईन डाटा एंट्री के लिए जीआरएस को प्रशिक्षित करें। उन्होंने सीईओ जिला पंचायत को निर्देशित किया कि हर ब्लॉक के शासकीय कार्यालयों में उपलब्ध कम्प्यूटरों का वैक्सीनेशन की डाटा एंट्री के लिए प्रयोग सुनिश्चित करें तथा इसके लिए व्यवस्था बनाएं।
वृद्ध, दिव्यांग एवं गर्भवती माताओं का घर जाकर करें वैक्सीनेशन
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सामाजिक न्याय विभाग वृद्ध एवं दिव्यांगजनों का घर-घर वैक्सीनेशन कराने की व्यवस्था करें। इसी प्रकार पेंशनधारी वृद्धजनों का भी शतप्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। श्रीमती सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का वैक्सीनेशन भी किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग संबंधित क्षेत्रों की गर्भवती माताओं की जानकारी साझा करते हुए उनका शतप्रतिशत टीकाकरण कराएं। गर्भवती माताओं का शतप्रतिशत टीकाकरण किए जाने का सर्टिफिकेट संबंधित क्षेत्र के सीडीपीओ देंगे।
कलेक्टर ने बैठक में वैक्सीनेशन के लिए बनाए गए नोडल अधिकारियों से उनके क्षेत्र की टीकाकरण प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शेष लोगों की सूची तैयार करें तथा उन्हें मोटीवेट करते हुए वैक्सीनेशन कराएं। जिन पंचायतों में बहुत कम संख्या में वैक्सीनेशन के लिए लोग बाकी हैं वहां पर कैम्प लगाकर शतप्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि ब्लॉक स्तर पर भी नोडल अधिकारी बनाएं।
15 सितम्बर से शुरू होगा डेंगू जागरूकता अभियान
सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह ने बताया कि 15 सितम्बर से प्रदेश के साथ जिले में भी डेंगू जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैक्सीनेशन के साथ-साथ अपने क्षेत्र में डेंगू के मामलों की जानकारी भी लेना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही अपने-अपने क्षेत्रों में डेंगू के लक्षण, उपचार तथा जागरूकता से संबंधित जानकारी प्रसारित करेंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि 15 सितम्बर को पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में डेंगू जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि 18 सितम्बर को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत् जिले से लेकर पंचायत स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर उज्ज्वला योजना का लाभ देना सुनिश्चित करेंगे। इसी प्रकार सभी सीईओ जनपद अपने क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य लगातार जारी रखें तथा इसके लिए कैम्प का आयोजन भी करें। बैठक में सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, एडीएम मीना मसराम, जिला पंचायत सीईओ सुनील दुबे, एसीईओ श्री मरावी, सभी एसडीएम, नोडल अधिकारी, सीईओ जनपद, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने ली समय-सीमा बैठक
कलेक्टर हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाईन, सीएम मॉनिट, समाधान प्रकरण, लंबित पत्रों की समीक्षा तथा विभिन्न विभागों के अलग-अलग विषयों पर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों का 20 तारीख के पूर्व अधिक से अधिक तथा संतुष्टि के साथ निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले की रैंकिंग को बेहतर करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, एडीएम मीना मसराम, जिला पंचायत सीईओ सुनील दुबे, एसीईओ श्री मरावी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
श्रीमती सिंह ने एक जिला एक उत्पाद के तहत् संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन प्रकरण चिन्हित करते हुए पंजीयन कराएं। इसी प्रकार उन्होंने जीएमडीआईसी से पीएफएमई से संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोदो-कुटकी एवं गोंडी पैटिंग की ऑनलाईन लिस्टिंग करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ट्राईफेड में जिले के चिन्हित उत्पादों की लिस्टिंग कराएं। कलेक्टर ने प्रोसेसिंग यूनिट पर चर्चा करते हुए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनधन केन्द्रों के कार्यों में भी उक्त संबंध में प्रगति लाएं। उन्होंने बताया कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में जिले में कोदो-कुटकी के उत्पादों के प्रमोशन की दृष्टि से इन्वेस्टर्स मीट आयोजित की जाएगी। इस संबंध में जीएमडीआईसी मीट की तैयारी सुनिश्चित करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए सीईओ जिला पंचायत नोडल अधिकारी रहेंगे। श्रीमती सिंह ने बैठक में आयुष्मान पंजीयन का कार्य प्रतिदिन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पात्रता पर्चीधारियों की जानकारी लेते हुए पीडीएस वितरण तथा शेष बचे हितग्राहियों के बारे में चर्चा की।
कलेक्टर ने अपील की कि अपात्र हितग्राही स्वेच्छा से आगे आते हुए अपना नाम हटाएं तथा पात्र हितग्राहियों को पीडीएस वितरण का लाभ देना सुनिश्चित करें। बैठक में उन्होंने विभागवार अनुकंपा नियुक्ति, धारणाधिकार प्रकरण, रोजगार मेले, क्रेडिट लिंकेज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिले में ’मिलावट से मुक्ति अभियान’ के तहत् प्रतिष्ठानों की जांच एवं सेम्पलिंग का कार्य जारी रखें। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत् सेम-फ्री मंडला अभियान की समीक्षा की। श्रीमती सिंह ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने कार्यालयों में चिटफंड कंपनियों की जानकारी एवं शिकायतों के लिए शिकायत पेटी लगाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने भ्रमण के दौरान माध्यमिक तथा हाईस्कूलों का दौरा करें तथा बच्चों को करियर से संबंधित मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने दूरस्थ पंचायतों के लिए नियमित रूप से पीडीएस वितरण की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने डेंगू जागरूकता अभियान के तहत् सभी शासकीय कार्यालयों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने 18 सितम्बर को टाऊनहॉल में उज्ज्वला योजना के तहत् जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने माईनिंग, आरटीओ, रजिस्ट्री तथा अन्य राजस्व अर्जित करने वाले विभागों से राजस्व प्राप्ति के लक्ष्यवार जानकारी ली। उन्होंने डीडीए को निर्देशित किया कि अमानक खाद एवं बीज के संबंध में की जाने वाली कार्यवाहियों को प्रतिदिन प्रकाशित कराएं। उन्होंने जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता के संबंध में भी चर्चा की। कलेक्टर ने बैठक में लंबित पत्रों की समीक्षा करते हुए विभागवार अधिकारियों से जवाब मांगे। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालयों के प्रकरणों का जवाब समय-सीमा में दें साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगी जाने वाली जानकारियां समय-सीमा में देना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने की खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए उपार्जन की समीक्षा
किसान पंजीयन के संबंध में दिए निर्देश
कलेक्टर हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के अंतर्गत उपार्जन कार्य की समीक्षा की गई। बैठक में उन्होंने उपार्जन की प्रक्रिया सहित किसान पंजीयन के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए। बैठक में जिला उपार्जन समिति से संबंधित समस्त जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में उन्होंने कहा कि जिले के सभी निर्धारित 48 पंजीयन केन्द्रों में शासन के निर्देशानुसार समस्त आवश्यक तैयारी पूर्ण कराएं तथा किसानों का पंजीयन कार्य प्रारंभ कराएं। श्रीमती सिंह ने कहा कि पंजीयन केन्द्रों में कोविड प्रोटोकॉल से संबंधित समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे मॉस्क का उपयोग, सेनेटाइजर एवं सोशल डिस्टेंस का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। सभी पंजीयन केन्द्रों में तकनीकी समस्याओं के संबंध में प्रतिदिन जानकारी वाट्सऐप पर प्राप्त कर तत्काल समस्या के निराकरण जिला स्तर से करें।
पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज
बैठक में बताया गया कि किसानों को पंजीयन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता नं0. एवं मोब० न० की आवश्यकता रहेगी। सभी किसान साथी पंजीयन के लिए उक्त दस्तावेज के साथ उपस्थित रहें। किसान अपने संबंधित पटवारियों से संपर्क कर गिरदावरी के संबंध में सही जानकारी प्राप्त करें ताकि पंजीयन के दौरान किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति न बने। कृषकगण स्वयं भी एमपी किसान ऐप के माध्यम से स्वयं भी पंजीयन करा सकते हैं। शासन के निर्देशानुसार सिकमी एवं बटाईदार किसानों के संबंध में अधिकतम रकबा 5 हेक्टर से अधिक नहीं होना चाहिए एवं खरीफ बर्ष 2021-22 में किसान पंजीयन हेतु 15 अगस्त 2021 तक कराए गए सिकमी व बटाईदार अनुबंध ही मान्य होंगे।
कलेक्टर ने बैठक में जिला स्तर से सभी पंजीयन केन्द्रों के स्टाफ को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के रकबे के सत्यापन हेतु जिला आपूर्ति अधिकारी संबंधित डीएफओ को पत्र जारी कर अवगत कराएंगे। जिला स्तर से डीएमओ, जीएमसीसीबी, एआरसीएस पंजीयन केन्द्रों में निर्धारित माप दण्डों के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करेंगे। समस्त राजस्व अधिकारियों को किसानों के रकबे, फसल एवं फसल की किस्म एवं अन्य आवश्यक बिन्दूओं का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पंजीयन के संबंध में ग्रामों में पंचायत कस्बों में मुनादी एवं प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पंजीयन केन्द्रों के सघन पर्यवेक्षण एवं मॉनीटरिंग हेतु प्रत्येक पंजीयन केन्द्रों में प्रतिदिन एक कर्मचारी की डयूटी लगाने के निर्देश दिए तथा सभी पंजीयन केंद्रों में एक शिकायत पंजी रखने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त पंजीयन केन्द्रों का भौतिक सत्यापन हेतु संबंधित राजस्व अधिकारी पूर्ण कराकर प्रतिवेदित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी पंजीयन केन्द्र वास्तविक कृषकों के संबंध में जानकारी चस्पा कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने उत्कृष्ट शिक्षकों का किया सम्मान
योजना भवन सभागार में कलेक्टर हर्षिका सिंह ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्राप्त करने वाले प्रतिभावान शिक्षकों का जिला प्रशासन की ओर से अभिनंदन किया। आयोजन स्थल पर जिला प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। शक्ति पटैल माध्यमिक शिक्षक शास.हाई स्कूल मांद बिछिया को शैक्षिक नवाचारों के अंतर्गत डिजिटल पाठ्यसामग्री निर्माण कर विद्यार्थियों को ऑनलाईन उपलब्ध कराने हेतु राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2021 एवं अखिलेश उपाध्याय शिक्षक शास. उत्कृष्ट उमावि. जिला मण्डला को शतप्रतिशत परीक्षा परिणाम, जिला स्तरीय कैरियर गाईडेन्स गतिविधियों, ’प्रोजेक्ट नई उड़ान’ अंतर्गत शैक्षिक नवाचारों एवं जिला स्तरीय अन्य शैक्षिक गतिविधियों के संयोजन तथा संचालन के लिए राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया है। जिला प्रशासन मण्डला, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विजय तेकाम, जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता बर्वे, प्राचार्य डाईट के.एस. सूर्याम, जिला शिक्षा केन्द्र डीपीसी हिरेन्द्र वर्मा एवं एपीसी मुकेश पाण्डेय ने दोनों ही शिक्षकों की उपलब्धियों को जिले के लिए गौरव बताया व बधाईयां दी।
जिले में अब तक 809.6 मिमी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में इस वर्ष एक जून से 13 सितम्बर के दौरान 809.6 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 1298.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 489.3 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 सितम्बर को मंडला में 19.6, नैनपुर में 2.2, बिछिया में 18.6, निवास में 14.8, घुघरी में 1.8 एवं नारायणगंज में 7.5 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार जिले में 13 सितम्बर को 10.7 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई।
