भुआबिछियाःसामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिछिया में वल्र्ड फार्मासिस्ट डे मनाया गया। फार्मासिस्ट डे पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिछिया की ओपीडी को आकर्षक साज-सज्जा के साथ सजाया गया। पीडित मानवता की सेवा का संकल्प लिया गया। फार्मासिस्ट राहुल मेश्राम और शैलेन्द्र मेरावी ने बताया कि 25 सितंबर को वल्र्ड फार्मासिस्ट डे मनाया जाता है, स्वास्थ्य के लिए जितने जरूरी चिकित्सक है उतने ही जरूरी फार्मासिस्ट है। स्वास्थ्य केन्द्र में फार्मासिस्ट की भागीदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिछिया में भर्ती मरीजो को फल और बिस्किट का वितरण किया गया। इस दौरान डाॅ.ममता मरकाम, डाॅ.देवेन्द्र बघेल, डाॅ.सचेता धुर्वे, डाॅ.किरण पंद्रे, बीसीएम मो.नईम, बीईई आईपी पटैल के साथ फार्मासिस्ट राहुल मेश्राम, शैलेन्द्र मेरावी व अन्य स्टाफ की उपस्थिति रही।
कैसे हुई शुरूआत
फार्मासिस्ट राहुल मेश्राम ने बताया कि 25 सितंबर 1912 को इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना हुई थी। यह फार्मासिस्ट और दवा वैज्ञानिको के राष्ट्रीय संघो का वैश्विक संघ है। 2009 में तुर्की के इस्तांबुल में एफआईपी परिषद के प्रसताव और फार्मेसी को बढावा देने व प्रोत्साहित करने 25 सितंबर को फार्मासिस्ट दिवस घोषित किया गया। 2009 के बाद से हर साल यह दिवस 25 सितंबर को मनाया जाता है।
यह रही 2021 की थीम
फार्मासिस्ट शैलेन्द्र मेरावी ने बताया कि वल्र्ड फार्मासिस्ट डे 2021 की थीम फार्मेसी हमेशा आपके स्वास्थ्य के लिए भरोसेमंद रही है। इसे चुनने का कारण यह है कि यह सब विश्वास पर टिका है। विश्वास हर रिश्ते की नींव होती है, चाहे वह व्यक्तिगत रिश्ता तो या फिर प्रोफेशनल रिश्ता हो। इसी तरह एक फार्मासिस्ट और एक मरीज के बीच भी विश्वास की कडी होती है। जब आप किसी पर भरोसा करते है तभी उनकी बातो को मानतेे है। स्वास्थ्य कर्मियो का अपने मरीजो के साथ एक गहरा विश्वास का संबंध होता है।
