मण्डला :- ट्राइबल गोंडवाना अधिकारी कर्मचारी संघ जिला शाखा मंडला म.प्र. के अध्यक्ष राधेलाल नरेटी ने प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर बताया है कि संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद सिंह वट्टी के निर्देशन पर माननीय रामकिशोर कांवरे आयुष मंत्री स्वतंत्र प्रभार म.प्र.शासन के मण्डला आगमन पर एक ज्ञापन सौंपा गया है । जिसमें डॉ.बिन्दु ध्रुव प्रभारी संभागीय आयुष अधिकारी संभाग जबलपुर के द्वारा छोटे अधिकारियों कर्मचारियों को परेशान करने का सिलसिला निरंतर जारी है इस बात का उल्लेख किया गया है। ज्ञातव्य है कि डॉ. बिन्दु ध्रुव प्रभारी जिला आयुष अधिकारी डिण्डोरी में पदस्थ थीं, वहां इनकी प्रताड़ना के चलते एक कर्मचारी रामचरण धुर्वे कम्पाउंडर की आसमय मृत्यु हो चुकी है, जिसकी जानकारी शासन को देने पर इनका स्थानांतरण वहां से कर दिया गया था । डॉ.बिन्दु ध्रुव की मण्डला मेंं पदस्थापना के दौरान भी इनके द्वारा अधिकारियों कर्मचारियों से अभद्रतापूर्ण व्यवहार करना आम बात रही है । बैठक के दौरान सभी अधिकारियों कर्मचारियों के समक्ष सामूहिक रूप से अपमानित करना भी आम बात रही है, छोटे कर्मचारियों को शोधन-डायन कहना एवं थाने में झूठी शिकायत करना जैसे क्रियाकलापों से प्रताड़ित किया गया है। उनके कार्यकाल में अधिकारियों कर्मचारियों के क्लेम को दबाकर रखा गया है तथा आर्थिक क्षति पहुंचाई जाती रही है । मण्डला जिले में पदस्थापना के दौरान इनकी अनैतिक गतिविधियों की शिकायत शासन से की गई थी । जांच हेतु संभागीय समिति का गठन किया गया था । संभागीय समिति ने जांच कर सभी बिन्दु प्रमाणित पाए गए थे, जिसका जांच प्रतिवेदन आयुक्त महोदय को 02.07.2017 को भेज दिया गया है,जिस पर निर्णय होना शेष है । डॉ.ध्रुव के इन सभी क्रियाकलापों के कारण तत्कालीन प्रमुख सचिव महोदय श्रीमति शिखा दुबे ने इनका इन्क्रीमेंट रोकते हुए इनका स्थानांतरण संभाग से बाहर जिला सिंगरौली कर दिया गया था । वहां पर भी इनके द्वारा अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ अनावश्यक रुप से नोटिस जारी कर सी.आर.खराब करने,अनैतिक कार्यों के प्रति धमकी देना,अपने प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग कर अधीनस्थों को आर्थिक मानसिक क्षति पहुंचाई जाती रही है । ऐसी विवादित क्रूर महिला अधिकारी को पुनः संभाग में लाया जाना असंवैधानिक एवं कर्मचारीहित में न्याय के विपरीत है । संगठन उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से मांग करता है कि प्रभारी संभागीय आयुष अधिकारी डॉ.ध्रुव को संभाग से बाहर पदस्थ शीघ्रातिशीघ्र किया जावें, इनके कदाआचरण से हमेशा अधिकारी कर्मचारी त्रस्त रहे हैं, जिसके कारण कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है । यदि ऐसा कुछ भी होता है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी । अतः कृपया असुविधा से बचने के लिए तत्काल उचित कार्यवाही की जावेगी ऐसी आशा है।
