मण्डला 14 फरवरी 2022
भारतीय रिजर्व बैंक ने 14 फरवरी से 18 फरवरी तक वित्तीय साक्षरता सप्ताह के रूप में मनाने का निर्देश सभी वित्तीय संस्थानों को जारी किया है। वित्तीय साक्षरता सप्ताह का थीम है “गो डिजिटल गो सिक्योर” जिससे साफ जाहिर होता है की हमारे केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी वित्तीय लेनदेन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाने की है। इस कार्यक्रम में सभी बैंक एवं वित्तीय संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए यह जरूरी है कि वित्तीय लेन-देन डिजिटल प्लेटफार्म के द्वारा किए जाएं। किसी भी डिजिटल पद्धति के द्वारा किया गया वित्तीय लेनदेन डिजिटल लेन-देन कहलाता है। डिजिटल लेनदेन में पैसे का अंतरण बहुत ही तीव्र गति से, आसानी से और सुविधाजनक होता है तथा जिसमें सुविधा शुल्क भी बहुत ही कम या ना के बराबर होती है जिससे पैसे की बचत भी होती है साथ ही साथ इस प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड भी बनता जाता है। इस प्रक्रिया के तहत किसी भी तरह का पेमेंट किया जा सकता है जो काले धन को कंट्रोल में रखने में बहुत सहायक होता है और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता को बढ़ावा देता है। वित्तीय लेनदेन के कई मोड्स या प्लेटफार्म होते हैं जैसे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, मोबाइल एप्लीकेशंस, कार्ड पर आधारित वित्तीय लेनदेन आदि। वित्तीय लेनदेन में हमें काफी समय की बचत होती है जैसे पूर्व में बिजली बिल का भुगतान करने हेतु या किसी भी अन्य तरह के बिलों का भुगतान करने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगना होता था पर आज की स्थिति में वित्तीय लेनदेन के माध्यम से हमें काफी कीमती समय का बचत होता है साथ ही पैसे की भी बचत होती है। इन्हीं विषयों को महत्व देते हुए हमारे वित्तीय साक्षरता एवं ऋण परामर्शदाता कृष्णकांत अवस्थी के द्वारा हाईस्कूल चिरईडोंगरी के विद्यार्थियों को बैंक से संबंधित जानकारी के साथ-साथ डिजिटल लेन देन की जानकारी एवं उससे जुड़े सावधानीयों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गई एवं उन्हें डिजिटल लेन देन के अन्य पहलुओंसे भी रूबरू कराया गया ताकि वित्तीय लेनदेन करते समय किसी भी धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।
